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कड़वाहट के बीच नगा वार्ता ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नगा समस्या सुलझाने के लिए भारत के अधिकारियों और नगालैंड के अलगाववादी धड़े नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसल ऑफ़ नगालैंड के बीच एम्सटर्डम में बातचीत कड़वाहट के बीच ख़त्म हो गई है. दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम समझौता इस साल जुलाई में ख़त्म हो रहा है और रविवार की बातचीत के बाद आशंका जताई जा रही है कि संघर्षविराम पर दोबारा समझौता होगा या नहीं. एनएससीएन यानि नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसल ऑफ़ नगालैंड का आरोप है कि भारत पाँच दशक पुरानी नगा समस्या का स्थाई हल ढूँढने में दिलचस्पी नहीं ले रहा. वहीं भारत ने एनएससीएन पर आरोप लगाया है कि वो ऐसे माँगे कर रहा है जिन्हें मानना असंभव है. भारत ने कहा है कि एनएससीएन का ऐसे गुटों से तालमेल है जिनका भारत के प्रति रवैया मैत्रीपूर्ण नहीं है. एनएससीएन और भारत के बीच जुलाई 1997 में बातचीत शुरू हुई थी लेकिन बातचीत में प्रगति की गति काफ़ी धीमी रही है. बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक के मुताबिक पिछले नौ सालों में पहली बार एनएससीएन नेता बातचीत के बाद ज़्यादा आशावान नज़र नहीं आए. बातचीत में भारत का नेतृत्व कर रहे ऑस्कर फ़र्नाडिस का कहना है कि उन्होंने एनएससीएन का दल चीन भेजे जाने के मुद्दे पर भी बात की है ताकि भारत से मुद्दा सुलझाया जा सके. उधर एनएससीएन के महासचिव टी. मुइवा ने बीबीसी को बताया कि जब तक भारत सभी नगा इलाक़ो को एकीकृत नहीं करता तब तक जुलाई के बाद बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है. नगा इलाक़ों के एकीकरण के बारे में एनएससीएन महासचिव ने कहा, "यही हमारी मुख्य माँग है और जब तक ये मानी नहीं जाती कोई समझौता नहीं हो सकता." जब उनसे पूछा गया कि भारत ने आरोप लगाया है कि एनएससीएन भारत विरोधी गुटों से तालमेल कर रहा है, तो टी. मुइवा ने कहा कि एनएससीएन को सब तरह के विकल्प खोजने का अधिकार है. बातचीत में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे ऑस्कर फ़र्डानिस ने कहा कि नगा आत्मनिर्णय का मुद्दा ब्रिटेन में उठाए जाने पर उन्होंने विरोध जताया है. ऑस्कर फ़र्नाडिस ने कहा कि भारत विरोधी संगठन पीएनएसडी के साथ मिलकर एनएससीएन ब्रिटेन में ये मुद्दा उठा रहा है. पीएनएसडी के प्रमुख ब्रिटेन की लेबर पार्टी के नेता नज़ीर अहमद हैं जिन्होंने ब्रितानी संसद में पंजाब और कश्मीर की आज़ादी का मुद्दा भी उठाया था. 11 मई को एनएससीएन के नेता ने ब्रिटेन के पीएनएसडी गुट के समक्ष एक भाषण दिया था जिसमें उन्होंने ब्रिटेन से कहा था कि वो नगा समस्या सुलझाने में मध्यस्थता करे. | इससे जुड़ी ख़बरें नगा एकीकरण की माँग दोहराई16 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस संघर्षविराम की अवधि छह महीने बढ़ी 31 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस खपलांग गुट भी बातचीत के लिए तैयार23 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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