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..जब हिंदी में बोले संयुक्त राष्ट्र महासचिव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
"नमस्ते, क्या हालचाल हैं..." इस तरह से अगर दक्षिण कोरिया मूल के संयुक्त राष्ट्र महासचिव आपके सामने अपने भाषण की शुरुआत करें तो वाकई यह हिंदीभाषियों को आश्चर्यमिश्रित खुशी देता है. न्यूयॉर्क में आयोजित आठवें विश्व हिंदी सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में ऐसा दृश्य तब देखने को मिला जब संयुक्त राष्ट्र के वर्तमान महासचिव बान की-मून ने हिंदी भाषा में अपने भाषण की शुरुआत कर उपस्थित लोगों को चौंका दिया. उन्होंने हिंदी को बहुत अच्छी भाषा बताते हुए अपनी बेबसी जाहिर की कि वो अच्छी हिंदी नहीं बोल सकते हैं. उन्होंने अपने भारत में बिताए गए दिनों को याद करते हुए कहा कि जिन दिनों वो दिल्ली स्थित कोरियाई दूतावास में कार्यरत थे, उस वक्त उन्होंने मैक्स मूलर भवन से हिंदी भाषा सीखी थी. हालांकि समय के साथ-साथ वो इस भाषा में कमज़ोर होते गए क्योंकि उन्हें हिंदी प्रयोग करने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी और इससे अभ्यास छूट गया. 'शुभकामनाएँ' उन्होंने अपने भाषण में कहा, "विश्व हिंदी सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है. मैं आप सभी को शुभकामनाएँ देता हूँ. नमस्ते और धन्यवाद." अपने भाषण के दौरान उन्होंने अपने और अपने परिवार के भारत से संबंधों की भी चर्चा की. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून की उपस्थिति में शुक्रवार को शुरू हुआ विश्व हिंदी सम्मेलन अगले तीन दिन तक चलेगा. भारत सरकार की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिए जाने की दिशा में यह सम्मेलन प्रभावी भूमिका निभाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'हिंदी को यूएन की भाषा बनाने का प्रयास'13 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस बीबीसी की हिंदी...13 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'विश्व हिंदी सम्मेलन के उद्देश्य ही संदिग्ध हैं'11 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'आप बुलाएँ हम न आएँ, ऐसे तो हालात नहीं'11 जुलाई, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस अपमान से बचाने के लिए...29 जून, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस विदेशों में पहचान बढ़ रही है हिंदी की09 फ़रवरी, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस लंदन में एक शाम, हिंदी के नाम19 जनवरी, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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