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ज्ञानेंद्र के जन्मदिन पर काठमांडु में हिसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में नरेश ज्ञानेंद्र के साठवें जन्मदिन के उपलक्ष्य में शनिवार को काठमांडु में जहाँ तीन दिन के कार्यक्रम शुरु हुए हैं, वहीं राजधानी काठमांडु में हिंसक घटनाएँ हुई हैं. अधिकारियों के अनुसार नौ आम नागरिक और दो पुलिस अधिकारी तब घायल हो गए जब राजा के समर्थकों पर गणतंत्र का समर्थन करने वाले यूथ कम्युनिस्ट लीग के सदस्यों ने हमला किया. एक ओर राजमहल में राजा के जन्मदिन के अवसर पर समारोह चल रहा था, दूसरी ओर पास ही स्थित एक पार्क में राजा के विरोध में लोगों ने रैली का आयोजन किया. महत्वपूर्ण है कि देश की सड़कों पर एक साल पहले हुए ज़बर्दस्त विरोध प्रदर्शनों के बाद राजा ज्ञानेंद्र अपने अनेक अधिकार खो चुके हैं. समर्थकों ने फूल भेंट किए नरेश ज्ञानेंद्र के जन्मदिन पर उनके सैकड़ों समर्थकों ने उन्हें फूल भेंट किए और उनकी तारीफ़ में लिखे बैनर लहराए. लेकिन छात्र समूहों और नेपाल पर शासन कर रहे आठ पार्टियों के गठबंधन ने इससे पहले कहा था कि वे राजा के जन्मदिवस पर आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए आने वाले मेहमानों को महल में जाने से रोकने की कोशिश करेंगे. शायद इसीलिए नेपाल सरकार के मंत्रियों और विदेशी राजनयिकों ने इस समारोह का बहिष्कार किया. उधर नेपाली प्रधानमंत्री गिरिजाप्रसाद कोइराला ने सुझाव दिया कि नेपाल नरेश और अलोकप्रिय बताए जाते उनके पुत्र पारस अपने पद छोड़ दें. | इससे जुड़ी ख़बरें अब नहीं चलेगा राजा का सिक्का25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस लापता नेपालियों की तलाश में अभियान14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस प्रचंड ने चुनाव में 'बाधा' की आशंका जताई13 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिणी नेपाल में हिंसा बढ़ी25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिणी नेपाल में जातीय हिंसा, तनाव20 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादियों की सामानांतर सरकार भंग18 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने हथियार डालने शुरू किए17 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल के माओवादी विद्रोही अब संसद में15 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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