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चार हज़ार सज़ायाफ़्ता क़ैदी रिहा होंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य की अलग-अलग जेलों में सज़ा काट रहे चार हज़ार क़ैदियों को रिहा करने के निर्देश दिए हैं. इनकी रिहाई का फ़ैसला मायावती के पहली बार मुख्यमंत्री बनने के 12 साल पूरा होने के अवसर पर किया गया है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के जेल नियमावली ये प्रावधान है कि जिन क़ैदियों का चाल चलन ठीक है और जो गंभीर अपराधों के लिए दंडित नहीं किए हैं, बीमार और वृद्ध हैं, उनको सरकार समयपूर्व रिहा कर सकती है. इसी नियम के तहत मुख्यमंत्री मायावती ने यह फ़ैसला किया है. रिहा होने वाले क़ैदियों के स्वास्थ्य की जाँच मेडिकल बोर्ड से कराई जाएगी. अभी उत्तर प्रदेश की जेलों में 18 हज़ार से ज़्यादा सज़ायाफ़्ता क़ैदी हैं जिनमें से चार हज़ार को मुख्यमंत्री के फ़ैसले से राहत मिलेगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी विदेशी या दूसरे राज्य के क़ैदियों को रिहा नहीं किया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सीरियल किलर' को पकड़ने का दावा21 मई, 2007 | भारत और पड़ोस पुलिस को चुनौती देता एक हत्यारा19 मई, 2007 | भारत और पड़ोस ब्रितानी नागरिक ने रहम की अपील की11 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मोनिका बेदी को पाँच वर्ष की सज़ा29 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पगड़ी न पहनने देने पर नाराज़गी18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भारत में अहम न्यायिक सुधार05 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस आठ तमिल विद्रोही जेल से भाग निकले04 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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