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मोनिका बेदी को पाँच वर्ष की सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में केंद्रीय जाँच ब्यूरो की एक विशेष अदालत ने माफ़िया सरगना अबू सालेम के साथ गिरफ़्तार हुईं अभिनेत्री मोनिका बेदी को फ़र्ज़ी पासपोर्ट मामले में पाँच वर्ष की क़ैद की सज़ा सुनाई है. शुक्रवार को हैदराबाद में फ़ैसला सुनाते हुए कहा है कि मोनिका फ़र्जी नाम से पासपोर्ट लेकर विदेश यात्रा करने की दोषी पाई गई हैं. मोनिका पर झूठ और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था और इसके लिए धारा 419, 420 और 120 के अंतर्गत आपराधिक मामला दर्ज किया गया था. इसके अलावा दो और अभियुक्तों अब्दुल सत्तार और मोहम्मद यूनुस को मोनिका की मदद करने के ज़ुर्म में तीन-तीन वर्षों की क़ैद और 300-300 रूपए का ज़ुर्माना किया गया है. मोनिका पर 500 रूपए का ज़ुर्माना भी किया गया है. इस मामले में दो अन्य अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया है. कोर्ट ने एक बंद कमरे में अपना फ़ैसला सुनाया. फ़ैसला सुनाते वक्त मोनिका वहाँ मौजूद थीं और उनके चेहरे पर कोई भाव नहीं था. मामला ग़ौरतलब है कि मोनिका बेदी और उनके तथा-कथित मित्र माफ़िया सरगना अबू सालेम ने आंध्रप्रदेश के कुरनूल ज़िले से सना मलिक और रामिल कमल मलिक के फ़र्जी नामों पर पासपोर्ट बनवाए थे. ये पासपोर्ट हैदराबाद के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से जारी किए गए थे. इन दोनों के ख़िलाफ़ भोपाल की एक अदालत में फ़र्जी पासपोर्ट रखने के आरोप में एक और आपराधिक मामला चल रहा है. इन दोनों को पुर्तगाल के लिस्बन शहर से वर्ष 2005 में भारत लाया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें मोनिका बेदी भोपाल में पुलिस हिरासत में05 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस पूछताछ में मौजूद रहने की अनुमति नहीं17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मोनिका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अबू सालेम मामले में और स्पष्टीकरण30 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस मोनिका बेदी: प्रत्यर्पण के प्रयास | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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