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पूछताछ में मौजूद रहने की अनुमति नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुँबई की एक विशेष अदालत ने माफ़िया सरगना अबू सालेम के वकीलों की उस अपील को नामंज़ूर कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने मुवक्किल से पूछताछ के दौरान मौजूद रहने की अनुमति माँगी थी. ये विशेष अदालत 1993 में मुँबई में हुए बम धमाकों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित की गई है. वकीलों से कहा गया है कि वो सीबीआई के पास जाएँ. जज ने कहा है कि अगर सीबीआई तैयार है तो वकील अबू सालेम की पूछताछ के दौरान मौजूद रह सकते हैं. पिछले शुक्रवार को अबू सालेम को हिरासत में लेने के बाद से ही सीबीआई उनसे पूछताछ कर रही है. अबू सालेम के सरकारी गवाह बनने की बात पर उनके वकील ओवैस सिद्दीक़ी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है. मुँबई बम धमाकों में कथित भूमिका के लिए अबू सालेम की तलाश थी और उन्हें पिछले हफ़्ते ही पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था. इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी. उधर सीबीआई ने अबू सालेम की प्रेमिका मोनिका बेदी को भी हिरासत में ले लिया है. मोनिका बेदी को भी पिछले हफ़्ते ही पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था. आँध्र प्रदेश की एक अदालत ने मोनिका बेदी को सीबीआई की हिरासत में भेज दिया है. सीबीआई मोनिका बेदी से फ़र्ज़ी पासपोर्ट इस्तेमाल करने के मामले में पूछताछ करना चाहती है. मोनिका बेदी हैदराबाद शहर के एक जेल में बंद हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मोनिका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया12 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस सालेम को अदालत ने हिरासत में भेजा11 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अब्दुल क़यूम अंसारी उर्फ़ अबू सालेम 11 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अबू सालेम मामले में और स्पष्टीकरण30 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस मोनिका बेदी: प्रत्यर्पण के प्रयास | भारत और पड़ोस अबू सालेम के प्रत्यर्पण पर रोक19 जून, 2004 | भारत और पड़ोस सलेम के प्रत्यर्पण की अनुमति मिली28 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस 'प्रत्यर्पण की एक बाधा पार' | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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