|
मोनिका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
माफ़िया सरगना अबू सालेम की प्रेमिका मोनिका बेदी को हैदराबाद की एक अदालत ने 25 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. शनिवार को मोनिका बेदी सीबीआई की विशेष अदालत में पेश की गईं. मजिस्ट्रेट ने मोनिका बेदी को दो हफ़्ते की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए कहा कि ज़मानत पर सुनवाई के लिए उन्हें सोमवार को अदालत में पेश किया जाए. मोनिका बेदी को न्यायिक हिरासत में भेजने के फ़ैसले को सीबीआई के लिए एक धक्के के रूप में देखा जा रहा है. सीबीआई के वकील ने पत्रकारों को बताया कि सीबीआई ने पाँच दिन की पुलिस हिरासत की माँग की थी. सुनवाई के बाद मोनिका बेदी को हैदराबाद के सेंट्रल जेल की महिला शाखा ले जाया गया. वकालत इससे पहले मोनिका बेदी का पक्ष रखने के लिए ओवैस अहमद सिद्दीक़ी के नेतृत्व में मुंबई से वकीलों का एक दल शनिवार सुबह हैदराबाद पहुँचा. सुनवाई के बाद ओवैस अहमद सिद्दीक़ी ने पत्रकारों से कहा, "मुझे शक है कि अबू सालेम और मोनिका बेदी पर दबाव डाला जा रहा है कि वे वकीलों की सेवा न लें." उन्होंने कहा, "अख़बारों में छपी रिपोर्टों में हमें पता चला है कि मोनिका बेदी ने कहा है कि उन्हें वकीलों की ज़रूरत नहीं है. हमें हरजोत सिंह ने मोनिका का पक्ष रखने के लिए कहा है. हरजोत सिंह ने लिस्बन कोर्ट में मोनिका और सालेम का पक्ष रखा था." मोनिका बेदी के ख़िलाफ़ ग़लत दस्तावेज़ों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में मामला दर्ज है. | इससे जुड़ी ख़बरें सालेम को अदालत ने हिरासत में भेजा11 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अब्दुल क़यूम अंसारी उर्फ़ अबू सालेम 11 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अबू सालेम मामले में और स्पष्टीकरण30 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस मोनिका बेदी: प्रत्यर्पण के प्रयास | भारत और पड़ोस अबू सालेम के प्रत्यर्पण पर रोक19 जून, 2004 | भारत और पड़ोस सलेम के प्रत्यर्पण की अनुमति मिली28 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस 'प्रत्यर्पण की एक बाधा पार' | भारत और पड़ोस 'पुर्तगाल सालेम को सौंपेगा' | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||