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'समलैंगिक जोड़े' को जेल की सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को देश के पहले घोषित समलैंगिक जोड़े को तीन साल के लिए जेल भेज दिया है. इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने अदालत को सही जानकारी नहीं दी और तथ्यों को छुपाया है. दरअसल, इस 'समलैंगिक' जोड़े में शमाइल राज पर आरोप है कि उन्होंने अपनेआप को पुरुष बताया जबकि वो एक महिला हैं. शमाइल जन्म से तो लड़की थे पर बाद में उन्होंने लिंग परिवर्तन के लिए दो ऑपरेशन करवाए. इसके बाद पिछले बरस शमाइल ने शाहज़ानिया तारिक़ नाम की एक लड़की से शादी कर ली. शमाइल ने शादी के बाद लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि शाहज़ानिया के रिश्तेदार उन्हें परेशान कर रहे हैं और इन दोनों को उनसे ख़तरा है. मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने चिकित्सकों की एक टीम को जाँच के लिए नियुक्त किया जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में अदालत को बताया कि शमाइल अभी भी एक महिला हैं. इसके बाद अदालत ने दोनों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी लैंगिक स्थिति के बारे में अदालत से झूठ बोला है. राहत हालांकि मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने कहा है कि इस जोड़े को ऐसे अपराध के लिए दोषी पाए जाने की सूरत में जो सज़ा मिलनी चाहिए थी, उससे कम सज़ा दी गई है. उन्होंने बताया कि अदालत को धोखे में रखने पर पाकिस्तान में कम से कम सात वर्ष की सज़ा होती है पर इन दोनों ने अदालत से अपनी ग़लती स्वीकारते हुए माफी माँग ली है इसलिए इनको तीन वर्ष की ही क़ैद हुई है. साथ ही अदालत की ओर से इन दोनों के ख़िलाफ़ अप्राकृतिक यौनाचार का भी आरोप खारिज कर दिया गया है. ग़ौरतलब है कि अगर दोनों के ख़िलाफ़ यह आरोप साबित हो जाता है तो पाकिस्तानी क़ानूनों के मुताबिक इन्हें आजीवन कारावास की सज़ा हो सकती थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कई सीमाओं को तोड़कर बंधन जोड़ा22 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'समलैंगिक हो रहे हैं माओवादी'21 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस जनजाति ने समलैंगिक 'शादी' को मान्यता दी06 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मैक्सिको में समलैंगिकों को मान्यता मिली10 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना समलैंगिकों ने बनाया स्वयं सहायता समूह30 जून, 2006 | भारत और पड़ोस भारतीय समलैंगिक क़ानून की आलोचना11 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'समलैंगिक लोग पादरी नहीं बन सकते'29 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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