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बुधवार, 06 दिसंबर, 2006 को 15:55 GMT तक के समाचार
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जनजाति ने समलैंगिक 'शादी' को मान्यता दी

वेटका पोलांग और मेलका निलसा
पुरुषों के साथ दोनों महिलाओं का पहले का अनुभव सुखद नहीं रहा था
भारत के उड़ीसा राज्य में एक जनजाति ने समलैंगिक 'विवाह' को मान्यता दे दी है.

कांधा जनजाति के एक पुरोहित ने कोरापुट जिले में तीस वर्षीय वेटका पोलांग और बाईस वर्षीय मेलका निलसा के बीच 'शादी' संपन्न कराई.

दोनों ही महिलाएँ मज़दूर हैं और अब दंदाबाड़ी गाँव में एक साथ रहती हैं.

भारत में समान लिंग के व्यक्तियों के बीच शादी गैर-कानूनी है.

औपनिवेशिक काल से ही चली आ रही 145 साल पुरानी भारतीय दंड संहिता समलैंगिक विवाहों को स्पष्ट रूप से एक ‘अप्राकृतिक अपराध’ मानती है.

समाजशास्त्री मानते हैं कि भारत में ऐसा अब तक नहीं सुना गया कि किसी समुदाय ने समान लिंगों के बीच विवाह को मान्यता दी हो.

वेटका और मेलका के लिए अपने समुदाय को इसके लिए मना पाना आसान नहीं था कि वे शादी करें और साथ-साथ रहें. स्थानीय समुदाय ने पहले-पहल इस बात का तीखा विरोध किया.

अपने पड़ोसियों के भारी गुस्से से बचने के लिए दोनों महिलाओं ने भागकर दूसरे गाँव में शरण ली.

पिछला अनुभव सुखद नहीं

 हम एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं और सुखी वैवाहिक जीवन बिता रहे हैं
वेटका

परिवार के सदस्यों के काफ़ी समझाने बुझाने के बाद दंदाबाड़ी के कांधा ग्रामीणों ने औपचारिक शादी की इजाज़त दे दी.

एक ग्रामीण बुजुर्ग मेलका पोवला ने बताया, "वेटका और मेलका यह साबित करना चाहतीं थीं कि वे पुरुषों के बगैर रह सकती हैं. दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार भी करती हैं. इसलिए हमने उन्हें माफ़ करने का फैसला किया."

लेकिन इन दोनों महिलाओं को अपने समुदाय की सहमति हासिल करने के लिए जुर्माना भी चुकाना पड़ा.

जुर्माने के रूप में एक बैरल देसी शराब, एक जोड़ी बैल, एक बोरी चावल के अलावा एक भोज भी देना पड़ा.

आख़िरकार पिछले महीने भारतीय विवाह परंपरा के अनुसार एक पुजारी या दिसारी के समक्ष वेटका ने मेलका की मांग में सिंदूर भरा.

दोनों का कहना है कि वे बहुत ही खुश हैं. वेटका ने बीबीसी को बताया कि वे एक खुशहाल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रही हैं.

पुरुषों के साथ दोनों का पिछला अनुभव सुखद नहीं रहा था.

मेलका के परिवार वालों ने एक स्थानीय पुरुष के विरोध के बावजूद शादी का सारा प्रबंध किया.

मेलका ने पुरुष के परिवार वालों को यह कहते हुए सगाई तोड़ दी कि वह पुरुष मानसिक रूप से ‘सामान्य नहीं’ है.

दोनों ही महिलाएँ वेटका के बड़े भाई के बेटे को गोद लेकर अपने परिवार को बढ़ाने की सोच रही हैं.

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