|
पुलिस महानिदेशक के ख़िलाफ़ वारंट नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक स्थानीय अदालत ने पुलिस की उस याचिका को ख़ारिज़ कर दिया है जिसमें उसने उड़ीसा के पुलिस महानिदेशक विद्या भूषण मोहंती के ख़िलाफ़ ग़ैरज़मानती वारंट जारी करने की अपील की थी. मोहंती के ऊपर बलात्कार के दोषी अपने बेटे की सहायता करने का आरोप है. उड़ीसा में होमगार्ड पुलिस के महानिदेशक विद्या भूषण मोहंती के बेटे बिटि मोहंती एक जर्मन महिला के साथ बलात्कार करने के दोषी पाए गए थे. बिटि मोहंती को अप्रैल 2006 में दोषी ठहराया गया था. दिसंबर 2006 में उन्हें 'पेरोल' पर कुछ दिन के लिए अपने घर जाने की अनुमति दी गई थी लेकिन उसके बाद उनका अता-पता नहीं है. जयपुर के लालकोठी पुलिस स्टेशन में 10 जनवरी को दर्ज कराए गए एक मामले में डीजीपी मोहंती पर अपने बेटे की मदद करने और शरण देने का आरोप लगाया गया था. जयपुर में अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र बंसल ने दो दिन की बहस के बाद राजस्थान पुलिस से कहा कि वो विद्या भूषण मोहंती को गिरफ़्तार करने के लिए गंभीर प्रयास करें क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से लगाई गई रोक की अवधि 21 मई को ख़त्म हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने नौ अप्रैल को निर्देश दिया था कि डीजीपी मोहंती को अगले छह हफ़्ते तक गिरफ़्तार न किया जाए और ये अवधि 21 मई को समाप्त हो गई. अब पुलिस उनके ख़िलाफ़ नया गिरफ़्तारी वारंट चाहती थी लेकिन ये याचिका ख़ारिज हो गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें बलात्कार मामले में न्यायालय का आदेश14 मई, 2005 | भारत और पड़ोस बलात्कारियों को 16 दिन में सज़ा01 जून, 2005 | भारत और पड़ोस बलात्कार मामले में अधिकारी निलंबित01 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस बलात्कार मामले में सात साल की सज़ा12 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस बलात्कार मुक़दमों के लिए महिला जज04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस बलात्कार मामले में छह लोग गिरफ़्तार31 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||