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इंदौर में भी 'रिलायंस फ़्रेश' पर हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड के बाद अब मध्यप्रदेश में भी रिलायंस फ्रेश स्टोर का विरोध शुरू हो गया है. मध्यप्रदेश के शहर इंदौर में रिलायंस समूह की इस श्रंखला को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. पिछले दो दिनों से शहर में सब्ज़ी और फलों के फुटकर विक्रेता इस नई श्रंखला का विरोध कर रहे हैं. मंगलवार को कुछ स्थानीय फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेताओं ने कंपनी प्रमुख मुकेश अंबानी के पुतले जलाकर अपना विरोध व्यक्त किया था. विरोध का यह क्रम बुधवार को भी जारी रहा और इन विक्रेताओं के साथ ही स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने भी इन स्टोरों के शुभारंभ को रोकने की कोशिश की और कंपनी प्रमुख के पुतले जलाए. इंदौर के एक सब्जी मंडी संघ के कार्यकर्ता सुभाष ठाकुर इस बारे में कहते हैं कि इन बड़े स्टोरों के खुल जाने के बाद सड़क के किनारे बैठने वाले सब्जी-फल विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी कुछ दिनों में ही छिन जाएगी. अबतक असंगठित रहे ये विक्रेता अब रिलायंस समूह के इन स्टोरों के विरोध में एकजुट होते नज़र आ रहे हैं. आरोप बेबुनियाद हालांकि इस विरोध प्रदर्शन के बावजूद कंपनी के छह स्टोरों की शुरुआत शहर में हो गई और यहाँ ग्राहकों का आना-जाना भी लगा रहा. इंदौर के पुलिस अधीक्षक अंशुमन यादव ने बताया कि पुलिस ने एहतियातन 24 लोगों को गिरफ़्तार किया है. हालांकि यह सवाल भी उठ रहा है कि कुछ अन्य समूहों के बड़े स्टोर पहले से ही मौजूद हैं, ऐसे में केवल रिलायंस को लेकर ही विरोध क्यों हो रहा है. रिलायंस कारपोरेट अफेयर्स के उपाध्यक्ष फरहान अंसारी के अनुसार छोटे व्यापारियों को यह समझने की ज़रूरत है कि किसी भी शहर के कुल व्यापार में से रिलायंस का हिस्सा इतना कम होगा कि इससे किसी की भी जीविका पर असर नहीं पड़ेगा. वो कहते हैं, "इंदौर में रोज़ाना 25 हज़ार टन फल और सब्जी का व्यापार होता है जबकि रिलायंस के छह स्टोर्स मिलकर दिनभर में 40 टन सब्जी ही बेंच पाएंगे जो कि कुल व्यापार का एक प्रतिशत भी नहीं है." हमला पिछले सप्ताह ही झारखंड की राजधानी राँची में सैकड़ों छोटे सब्ज़ी विक्रेताओं और छोटे किसानों ने 'रिलायंस फ़्रेश' के तीन स्टोर पर हमला कर दिया था और तोड़फोड़ की थी. सब्ज़ी विक्रेताओं और किसानों का आरोप था कि 'रिलायंस फ़्रेश' में सब्ज़ियाँ और फल बाज़ार भाव से कम दामों पर बेचे जा रहे थे. उल्लेखनीय है कि 'रिलायंस फ़्रेश' ने पिछले महीने राँची में चार केंद्र खोले हैं. इसके बाद से ही छोटे सब्ज़ी और फल विक्रेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिए थे. इसके बाद जनता दल यूनाइटेड के नेता जॉर्ज फ़र्नांडीस भी इन स्टोरों के विरोध में फुटकर विक्रेताओं को अपना समर्थन देने के लिए उतर आए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें रिलायंस विरोध को जॉर्ज का समर्थन14 मई, 2007 | भारत और पड़ोस राँची में रिलायंस के ख़िलाफ़ प्रदर्शन08 मई, 2007 | कारोबार रिलायंस खोलेगा ग्रामीण व्यापार केन्द्र 09 अप्रैल, 2007 | कारोबार रिलायंस को विदेशी कंपनियों से डर नहीं29 जनवरी, 2007 | कारोबार रिलायंस रिटेल बाज़ार में उतरा03 नवंबर, 2006 | कारोबार पता चलेगा आटे-दाल का भाव03 नवंबर, 2006 | कारोबार किसानों को लूटा जा रहा है: वीपी सिंह22 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस हरियाणा में रिलायंस का बड़ा निवेश19 जून, 2006 | कारोबार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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