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रिलायंस रिटेल बाज़ार में उतरा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय अर्थव्यवस्था में उदारीकरण के बाद बदले बाज़ार को देखते हुए रिलायंस देश के खुदरा क्षेत्र में दाख़िल हुआ है. मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के 11 रिटेल स्टोर शुक्रवार से हैदराबाद में खुल गए हैं. इस तरह अब रोज़मर्रा की चीज़ें जैसे फल, सब्ज़ी, दालें इत्यादि रिलायंस रिटेल लिमिटेड के सुपरस्टोर 'रिलायंस फ़्रेश' में बिक रहे हैं. जहाँ एक ओर छोटे विक्रेताओं और किराना स्टोर मालिकों के भविष्य पर चिंता जताई जा रही है वहीं रिलायंस ने इन चिंताओं को निराधार बताया है. अगले दो सालों में कंपनी देश के करीब 70 बड़े शहरों में अपने स्टोर्स खोलेगी. कंपनी का लक्ष्य है कि 2011 तक बिक्री को बढ़ाकर करीब 1250 अरब रुपए किया जाए. उपभोक्ता रजनी श्रीवास्तव का कहना था कि वो रिलायंस की इन दुकानों से काफी प्रभावित हैं. वे कहती हैं, "सब्जियों के दाम दूसरी दुकानों से करीब 40 प्रतिशत तक कम है." एक अन्य उपभोक्ता अफ़साना अहमद ने कहा कि "ये दुकान दूसरी दुकानों से हटकर है." 'नुकसान नहीं' रिलायंस रिटेल में वरिष्ठ अधिकारी रघु पिल्लै ने हैदराबाद में कंपनी के स्टोर के उदघाटन के बाद समाचार एजेंसियों से कहा, "किराने का सामान बेचने वाले और छोटे विक्रेताओं को हमारी पहल से फ़ायदा होगा. हम उन्हें नुकसान नहीं पहुँचा रहे क्योंकि बाज़ार आठ प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है. इस समय भारत में खुदरा बाजार क्षेत्र लगभग 15000 अरब रुपए का है." उनका कहना था कि छोटे विक्रेता और पंसारी की दुकान वालों को सामान कम क़ीमत पर उपलब्ध होगी और ये सबके लिए फ़ायदेमंद होगा. रिलायंस कंपनी में फ़ूड बिजनेस के प्रमुख गुनेंद्र कपूर का कहना है," हमारा उद्देश्य है कि हम किसान के माल को उपभोक्ता तक वाज़िब दामों में और ताज़ा हालत में पहुँचाएँ." उनका कहना है कि "ये एक सकारात्मक पहल है क्योंकि किसान की करीब 40 प्रतिशत सब्जियाँ और फ़ल बाज़ार पहुँचने से पहले ही ख़राब हो जाते हैं." रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी का कहना है," उनकी कंपनी ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता और अच्छी सेवा प्रदान करेगी." किसानों को शहरी बाज़ार से जोड़ने की रिलायंस कंपनी की यह एक महत्वाकांक्षी योजना है. अगले पाँच साल में रिलायंस करीब 125 अरब रुपए का निवेश कर देश के 780 शहरों और 6000 कस्बों में अपने स्टोर खोलना चाहते है. रघु पिल्लै का दावा था कि रिलायंस पाँच लाख भारतीयों को तो सीधे रोज़गार और प्रशिक्षण देगा और लगभग 10 लाख रोजगार परोक्ष रूप से पैदा करेगा. पर्यवक्षकों का मानना है कि रिटेल क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा में रिलायंस का मुकाबला पेंटालून रिटेल इंडिया, शॉपर्स स्टॉप, ट्रेंट लिमिटेड और लगभग 1.2 करोड़ छोटी दुकानों से है जो देश के कोने-कोने में फैली हुई हैं. इस समय विदेशी रिटेल कंपनियाँ भारत में रिटेल चेन स्टोर स्थापित नहीं कर सकती और वालमार्ट, कैरेफ़ोर और टेस्को जैसी खुदरा व्यापार करने वाली विदेशी कंपनियां भारत में अपने स्टोर्स खोलने को उतावली हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बंटवारे के बाद रिलायंस के शेयर गिरे18 जनवरी, 2006 | कारोबार हस्तांतरण से पहले रिलायंस में तेज़ी 17 जनवरी, 2006 | कारोबार हरियाणा में रिलायंस औद्योगिक क्षेत्र12 दिसंबर, 2005 | कारोबार रिलायंस खोलने जा रहा है ढाबे28 जून, 2005 | कारोबार रिलायंस समूह के बँटवारे पर सहमति18 जून, 2005 | कारोबार अनिल अंबानी ने दिया इस्तीफा03 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस अंबानी ने की निदेशकों से अपील28 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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