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इफ़्तिख़ार मामले में 'अहम गवाह' की हत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी सैयद हम्माद रज़ा की हत्या का मामला तूल पकड़ने लगा है. इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी के वकीलों का कहना है कि रज़ा निलंबित मुख्य न्यायाधीश के मामले में एक प्रमुख गवाह थे. मार्च में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने अधिकारियों के दुरुपयोग का आरोप लगाकर इफ़्तिख़ार चौधरी को निलंबित कर दिया था. उनके निलंबित किए जाने की जाँच अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रही है. लेकिन इस मामले पर राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और इफ़्तिख़ार चौधरी के समर्थक आमने-सामने हैं. शनिवार को कराची में ज़बरदस्त हिंसा हुई थी, जिसमें 40 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. सोमवार को हिंसा के विरोध में कराची बंद है. इस बीच इस्लामाबाद में सैयद हम्माद रज़ा की हत्या ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है. रज़ा के परिजनों ने पुलिस के उस दावे को ठुकरा दिया है जिसमें कहा गया है कि रज़ा की हत्या डकैतों ने की है. उनके परिवारवालों का कहना है कि रज़ा को उनकी भूमिका के कारण निशाना बनाया गया है. सोमवार की सुबह इस्लामाबाद में रज़ा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. व्यापक असर दूसरी ओर शनिवार को कराची में हुई हिंसा के विरोध में बंद का व्यापक असर पड़ा है. सड़कें सूनी हैं, गाड़ियाँ नहीं चल रही और दूकानें बंद हैं. अधिकारियों ने एक साथ पाँच लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी है.
शनिवार को इफ़्तिख़ार चौधरी एक रैली करने वाले थे. इस रैली के लिए कराची में बड़ी संख्या में इफ़्तिख़ार चौधरी के समर्थक जुटे हुए थे. लेकिन राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के समर्थक माने जाने वाले मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए. दोनों गुटों में ख़ूनी संघर्ष हुआ और बड़ी संख्या में लोग मारे गए. रविवार को प्रशासन हालात को क़ाबू में नहीं कर पाया और हिंसा की कई घटनाएँ हुई और लोग मारे गए. कराची के पुलिस प्रमुख अज़हर फ़ारूक़ी ने बताया कि सोमवार को बंद के बीच कराची में हिंसा नहीं हुई है लेकिन तनाव बना हुआ है. उन्होंने बताया, "शहर में आम जनजीवन पर काफ़ी असर पड़ा है. दूकानें बंद हैं और सड़कों पर गाड़ियाँ भी इक्का-दुक्का ही चल रही हैं. लोग डरे हुए हैं." सैनिक तैनात प्रांतीय सरकार ने सभी राजनीतिक रैलियों पर पाबंदी लगा दी है. सुरक्षा बल शहर में स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं. पूरे शहर में सैनिकों को तैनात किया गया है.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि विपक्षी पार्टियों ने इफ़्तिख़ार चौधरी के निलंबन का मामला मुशर्रफ़ सरकार के ख़िलाफ़ अभियान का हिस्सा बना लिया है. इस बीच इफ़्तिख़ार चौधरी को निलंबित किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई रोक दी गई है. सुप्रीम कोर्ट में 14 जजों की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. लेकिन इनमें से एक जज फ़लक शेर ने इस पीठ के गठन पर ही सवाल उठा दिया और कहा कि कई जज उनके जूनियर है. अब इस पीठ का फिर से गठन किया जाएगा और फिर सुनवाई शुरू होगी. |
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