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अयोध्या की सियासत और रामलला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अयोध्या और फ़ैज़ाबाद की कोई भी चर्चा राम जन्मभूमि का ज़िक्र किए बिना पूरी ही नहीं होती. अयोध्या में पाँच हज़ार से अधिक मंदिर हैं और जहाँ राम मंदिर के निर्माण के नाम पर भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा दल बनने का अपना सपना पूरा किया, वहाँ 'धर्म और राजनीति' चर्चा का विषय बना रहता है. अयोध्या नगरी ने 1992 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस देखा. भारतीय जनता पार्टी का नारा - 'मंदिर वहीं बनाएंगे' - की गूँज हर तरफ़ सुनाई देती थी - पर मंदिर वहाँ नहीं बना. आज रामलला लोहे के पिंजड़े के पीछे कैद नज़र आते हैं. यहाँ क़रीब 3000 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. कारसेववकपुरम में वीरानगी छाई हुई है लेकिन आज भी कुछ कारसेवक अपनी आस्था बनाए हुए काम में जुटे नज़र आते हैं. एक कारसेवक शंभू पांडे कहते हैं,"मैं यहाँ 1992 से हूँ. काम बहुत धीमा हो गया है. पत्थर बनकर तैयार हैं. काम चालू रखना ज़रूरी है. काम बंद हो जाएगा तो देश में संदेश जाएगा कि मंदिर का काम बंद हो गया." मुकाबले में चार उम्मीदवार
इसी आस्था पर अयोध्या में राजनीति हुई. आज यहाँ से चुनाव लड़ रहे भाजपा के लल्लू सिंह कहते हैं कि राम भगवान के भव्य मंदिर का निर्माण और अयोध्या के अनुरूप अयोध्या का विकास उनका लक्ष्य है. लल्लू सिंह कहते हैं,"राम मंदिर के निर्माण से राष्ट्रीय भावना का जागरण होगा. इस मंदिर के बनने से भारतीय जनता पार्टी के मुख्य मुद्दे राष्ट्रवाद को बल मिलेगा. अगर भव्य राम मंदिर बनेगा तो इलाक़े में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा जिससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा." लल्लू सिंह से उनके घर पर हुई मुलाक़ात में उनके चेहरे पर चुनावी जंग जीतने का तनाव बिल्कुल नहीं था. उन्हें जीत का पूरा विश्वास शायद इसलिए था क्योंकि मुक़ाबला चार उम्मीदवारों के बीच है. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के अलावा पुरानी मुलायम सिंह सरकार में मंत्री रहे और अब कांग्रेस के समर्थन से चुनाव लड़ रहे बेनी प्रसाद वर्मा भी मैदान में हैं. फ़ैज़ाबाद की चार सीटों - सोहावल, बीकापुर, मिल्कीपुर और अयोध्या में प्रचार के लिए जब मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पहुँचे तो उनकी कोशिश साफ़ तौर पर मुस्लिम मततदाताओं को अपनी ओर करने की थी. 'किसान और मुसलमान' एक चुनावी जनसभा में मुलायम सिंह ने कहा,"मुसलमान देश की शानदार क़ौम है. हर लड़ाई में कुर्बानी देने वाला मुसलमान है. सुई से लेकर परमाणु बम बनाने वाला भी मुसलमान है. देश के विकास में अगर किसी का योगदान है तो वो किसान और मुसलमान का है."
आज सरयू के तट पर बसी अयोध्या नगरी का हाल देखें तो ये राम राज्य की परिकल्पना से बहुत परे नज़र आता है. वहीं भाजपा विधायक लल्लू सिंह केंद्र में सत्ता में रहने के बावज़ूद भाजपा के अयोध्या में राम मंदिर न बनवा पाने की सफ़ाई देते हैं. लल्लू सिंह कहते हैं,"जब जगमोहन पर्यटन मंत्री थे तब अडवाणी जी ने उन्हें यहाँ भेजा था. उस समय अयोध्या के लिए 200 करोड़ रुपए की योजना बनी थी. कांग्रेस की सरकार होने की वजह से शायद पैसा नहीं आ पाया." मंदिर मस्जिद से परे अयोध्यावासी राम राज्य की आस लगाए बैठा है - पर वो लोकतंत्र में राजनीति को बख़ूबी समझता है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्साह की कमी किसी के लिए शुभ संकेत नहीं22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस चुनाव बाद गठबंधन से इनकार23 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बहुत थोड़े मतों से होगी जीत-हार30 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस संसद में गूँजा अयोध्या का मामला06 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस कल्याण सिंह होंगे भावी मुख्यमंत्री 24 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अयोध्या में कब-कब क्या हुआ?22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस अयोध्या में सुरक्षा ढाँचे को हरी झंडी23 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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