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अयोध्या में सुरक्षा ढाँचे को हरी झंडी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के विवादित परिसर में बने अस्थाई राम मंदिर की सुरक्षा के लिए एक नया ढाँचा बनाने को चुनौती देने वाली याचिका ख़ारिज कर दी है. पाँच जुलाई 2005 को अयोध्या के विवादित परिसर पर हुए चरमपंथी हमले के बाद केंद्र सरकार ने वहाँ सुरक्षा घेरा बढ़ाने की पहल की थी. लेकिन मोहम्मद असलम भूरे ने इस क़दम का विरोध करते हुए अदालत में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए असलम की याचिका को ख़ारिज कर दिया. सुरक्षा घेरा केंद्र सरकार ने सुरक्षा ढाँचा खड़ा करने की अनुमति देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक प्रार्थनापत्र दिया था जिसमें कहा गया कि ख़ुफ़िया एजेंसियों ने परिसर पर ख़तरा क़ायम रहने की रिपोर्ट दी है. उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1994 में अपने फ़ैसले में केंद्र सरकार के विवादित परिसर के अधिग्रहण को विधिसम्मत ठहराते हुए विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे. इसी के तहत 2002 में विहिप को शिलापूजन की अनुमति नहीं मिली थी. प्रस्तावित निर्माण कार्य में 10 बुलेट प्रूफ वाच टॉवर और अन्य कार्य प्रस्तावित हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अयोध्या के मुक़दमे22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस अयोध्या में सुरक्षा कक्ष का विरोध04 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अयोध्या हमले के अभियुक्त हिरासत में04 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'अयोध्या हमले में लश्कर का हाथ'15 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस अयोध्या में चरमपंथी हमला नाकाम05 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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