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अयोध्या में चरमपंथी हमला नाकाम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि अयोध्या में विवादित राम मंदिर-बाबरी मस्जिद परिसर के पास मंगलवार की सुबह कुछ संदिग्ध चरमपंथियों ने हमला किया जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया. उत्तर प्रदेश के गृहसचिव आलोक सिन्हा ने बीबीसी को बताया कि सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में पाँच चरमपंथी मारे गए जबकि उनका एक साथी जीप में किए गए विस्फोट में मारा गया. चार सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए. सिन्हा ने इसे आत्मघाती हमला बताते हुए कहा कि संदिग्ध हमलावरों को परिसर तक लाने वाले ड्राइवर को गिरफ़्तार कर लिया गया है जो अयोध्या का स्थानीय निवासी है. केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने इस हमले को सुरक्षा व्यवस्था का दोष बताते हुए इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार को दोषी ठहराया है. विवादित स्थल से दूर उत्तर प्रदेश के गृह सचिव सिन्हा के अनुसार ये हमलावर जहाँ घुसे थे वह उस विवादित स्थल से दूर है जहाँ बाबरी मस्जिद का मलबा है और जहाँ राम की मूर्ति स्थापित कर दी गई है. हालाँकि सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि हमलावर वहीं घुसना चाहते थे. उन्होंने बीबीसी को बताया कि राममंदिर परिसर पहुँचे श्रद्धालु सुरक्षित हैं, सिर्फ़ एक महिला श्रद्धालु घायल हुई है. गृह सचिव के अनुसार हमलावरों के पास से हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ है जिसमें तीन एके-47, एक कार्बाइन और एक हथगोला शामिल हैं. गृह सचिव के अनुसार सुरक्षा बलों ने अयोध्या के आसपास कड़ी जाँच शुरु कर दी है. अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि हमलावर किस संगठन से जुड़े हुए थे. न ही किसी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. 'उत्तर प्रदेश सरकार दोषी' केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने सभी सदस्यों को घटना का ब्यौरा दिया. इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने की.
इस बैठक के बाद मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की एक बैठक भी हुई. बाद में पत्रकारों से बात करते हुए शिवराज पाटिल ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में ख़ामी थी और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार का दोष दिखाई देता है. गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि जब हमले की ख़बर आई तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के पास ही बैठे हुए थे. उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ उसमें सुरक्षा व्यवस्था में ख़ामी तो ज़रुर दिखाई देती है. गृह राज्य मंत्री का कहना है था, "अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्र की ओर से एक करोड़ रुपए की राशि दी जाती है और राज्य सरकार के अनुरोध पर सीआरपीएफ़ की सुविधा भी मुहैया करवाई गई है." "मैंने मुलायम सिंह जी से कहा है कि वह इस मामले की जाँच कराएँ और दोषियों को सज़ा दी जाए. मैंने उनसे कहा है कि यदि केंद्र से और सहायता की ज़रुरत है तो बताएँ." |
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