|
अयोध्या हमले के अभियुक्त हिरासत में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के शहर फ़ैजाबाद की अदालत ने अयोध्या के विवादित परिसर के पास हुए हमले में कथित रूप से शामिल चार लोगों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इन चारों लोगों, नसीम, आसिफ़ इक़बाल, अज़ीज़ और शकील पर संदेह है कि उन्होंने हमला करनेवाले पाँचों चरमपंथियों को हथियार उपलब्ध कराए थे. चारों अभियुक्तों को भारत प्रशासित कश्मीर के पुँछ ज़िले से गिरफ़्तार किया गया था और वहाँ से उन्हें उत्तर प्रदेश के फ़ैजाबाद ज़िले में लाया गया था. यहीं पर इस मामले की सुनवाई होगी. जब चारों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया तो वहाँ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इंतज़ाम किया गया था. स्थानीय वकीलों ने इन लोगों के ख़िलाफ़ नारे लगाए और कहा कि चारों के बचाव में कोई नहीं आएगा. ग़ौरतलब है कि अयोध्या के विवादित परिसर में पाँच हमलावरों ने प्रवेश करने की कोशिश की थी. वे कोई नुक़सान पहुँचा पाते, इसके पहले ही सुरक्षाबलों ने उन्हें मार दिया था. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में बताया था कि हमला करने वाले चरमपंथी अगस्त, 2004 में पाकिस्तान से दिल्ली आए थे और वहीं रह रहे थे. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि विस्फोटक सामग्री जम्मू के पुंछ इलाक़े से पानीपत तक एक जीप में लाई गई थी. यशपाल सिंह ने बताया था कि मृतकों में दो की ही शिनाख्त हो पाई है. इनमें से एक यूनुस और दूसरा अरशद अली के नाम से दिल्ली में रह रहा था. उनका कहना था कि हमलावर मई से सुल्तानपुर और फ़ैजाबाद आ-जा रहे थे और उन्होंने सुल्तानपुर से मोबाइल फ़ोन का सिम कार्ड ख़रीदा था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||