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मनमोहन सिंह ने कड़ी निंदा की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लंदन में हुए हमलों की कड़ी आलोचना की है और हमलों में मारे गए लोगों और घायलों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. स्कॉटलैंड के ग्लेनईगल्स में जी 8 देशों के सम्मेलन में भाग लेते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि हाल ही में भारत में भी अयोध्या में एक चरमपंथी हमला हुआ है और लंबे समय से भारत भी इसी तरह की कार्रवाइयों से जूझता रहा है. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे ये स्पष्ट हो जाता है कि आतंकवाद सीमाएँ नहीं देखता. मनमोहन सिंह ने कहा कि दुनिया भर के देशों के सामने आतंकवाद की चुनौती मुँह बाएँ खड़ी है और इसका मुक़ाबला हमें मिलकर करना होगा. भारत के प्रधानमंत्री की ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से मुलाकात होनी थी लेकिन लंदन में हुए हमलों के कारणत तय समय पर ये बैठक नहीं हो सकी. हमले के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने बयान जारी कर कहा कि वो लंदन जाकर पहले हालात का जायज़ा लेंगे और फिर ग्लेनईगल्स लौटेंगे. ब्लेयर ने कहा कि जी आठ देशों ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि इस बीच तय कार्यक्रम के अनुसार वे बातचीत जारी रखेंगे. जी पाँच देशों यानी भारत, चीन, ब्राज़ील, मेक्सिको की आपस में बातचीत का प्रक्रिया भी जारी रही. भारत के प्रधानमंत्री की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फ़्राँस के राष्ट्रपति शिराक से भी अलग अलग मुलाक़ात तय है. |
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