BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 11 अप्रैल, 2007 को 15:17 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
निजी सवालों पर पुनर्विचार होगा

फॉर्म में माँगी गई है कई निजी जानकारियाँ
भारत में महिला प्रशासनिक अधिकारियों में इस बात को लेकर रोष है कि उनसे मासिक-धर्म संबंधी जानकारी देने के लिए कहा जा रहा है.

केंद्र सरकार के अधिकारियों के कामकाज के सालाना आकलन (अप्रेज़ल) के लिए भरे जाने वाले फॉर्म में नए प्रावधानों के मुताबिक़ महिला अफ़सरों को मासिक-धर्म के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी.

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कामकाज का वार्षिक आकलन और उनकी स्वास्थ्य जाँच अनिवार्य है इसलिए इस फॉर्म को भरने से बचना अधिकारियों के लिए असंभव है.

महिला अधिकारियों की नाराज़गी सामने आने पर केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने मामले पर पुनर्विचार की बात कही है.

पुनर्विचार
 महिला अधिकारियों ने इन सवालों को असंवेदनशील बताया है और हम उनकी आपत्तियों को देखते हुए मामले पर पुनर्विचार कर रहे हैं
सत्यानंद मिश्र, कार्मिक सचिव

मंत्रालय के सचिव सत्यानंद मिश्र ने बीबीसी से एक बातचीत में कहा, "यह फॉर्म 31 मार्च 2008 से लागू होगा और इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से सलाह ली गई थी, पहली बार 40 वर्ष से अधिक उम्र के अधिकारियों के स्वास्थ्य जाँच को अनिवार्य किया गया है."

उन्होंने कहा, "महिला अधिकारियों ने इन सवालों को असंवेदनशील बताया है और हम उनकी आपत्तियों को देखते हुए मामले पर पुनर्विचार कर रहे हैं."

इस पूरे विवाद की जड़ में अप्रेजल फॉर्म का 58वाँ पन्ना है जिसे केंद्रीय कार्मिक, जनशिकायत और पेंशन मंत्रालय ने जारी किया है.

फॉर्म में निर्देश दिए गए हैं कि महिला अधिकारी अपने मासिक धर्म के बारे में विस्तृत जानकारी दें जिसमें पिछले मासिक धर्म की तारीख़ सहित मातृत्व अवकाश आदि के बारे में पूर्ण विवरण शामिल हो.

हैरत

बीबीसी से जिन महिला प्रशासनिक अधिकारियों ने बात की उनका यही कहना था कि इस तरह की निजी जानकारी माँगी गई है वह किसी दृष्टि से उचित नहीं है.

'ग़ैर-ज़रूरी'
 इसका हमारे कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है. जब महिला अधिकारी मातृत्व अवकाश का आवेदन देती है तो उसमें सारे विवरण देने होते हैं फिर अलग से ऐसे सवाल पूछने की क्या ज़रूरत है?
सीमा व्यास, प्रशासनिक अधिकारी

महाराष्ट्र की पर्यावरण सचिव श्रवरी गोखले ने कहा, "मैं तो सकते में हूँ, मेरे पास शब्द नहीं हैं अपनी भावनाएँ व्यक्त करने के लिए, मेरा कोई इरादा नहीं है अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में जानकारी देने का."

महाराष्ट्र सरकार की संयुक्त सचिव सीमा व्यास का कहना है कि इस तरह के सवाल पूछने की कोई आवश्यकता ही नहीं थी.

वे कहती हैं, "इसका हमारे कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है. जब महिला अधिकारी मातृत्व अवकाश का आवेदन देती है तो उसमें सारे विवरण देने होते हैं फिर अलग से ऐसे सवाल पूछने की क्या ज़रूरत है?"

चीनी महिला नंबर वन
चीन के अरबपतियों की सूची में पहली बार एक महिला पहले नंबर पर.
महिलाएँ'काम अधिक, हक़ कम'
अधिक काम करने के बाद भी फ़ैसले लेने में महिलाओं की भूमिका काफ़ी कम है.
सम्मेलनमहिलाओं के अधिकार
मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के बारे में न्यूयॉर्क में सम्मेलन हो रहा है.
मुस्लिम महिलाएँतलाक़ का अधिकार
नए मॉडल निकाहनामे में शिया महिलाओं को तलाक़ का हक़ दिया गया है.
इससे जुड़ी ख़बरें
फिर की गई महिलाओं की उपेक्षा
19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>