BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 11 अप्रैल, 2007 को 13:05 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ हत्या का आरोप
शेख़ हसीना
शेख़ हसीना मौजूदा अंतरिम प्रशासन की विरोधी रही हैं
बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ पुलिस ने आरोपपत्र दाख़िल किया है जिसमें उनके ख़िलाफ़ हत्या का अभियोग लगाया गया है.

पिछले वर्ष अक्तूबर में हुई राजनीतिक हिंसा में चार लोग मारे गए थे, पुलिस का कहना है कि इस हिंसा के लिए वे और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता ज़िम्मेदार थे.

पुलिस का कहना है कि उनकी पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने एक इस्लामी पार्टी के सदस्यों पर हमले किए थे.

इस समय शेख़ हसीना अमरीका में हैं, उन्होंने बीबीसी बांग्ला सेवा से एक विशेष बातचीत में इस पूरे मामले को झूठा बताया है.

'झूठा मामला'
 यह एक झूठा मामला है, जानने वाले इस बात को अच्छी तरह जानते हैं, मैं भी अच्छी तरह जानती हूँ. उस दिन तो मेरी पार्टी के लोग, मेरे गठबंधन के लोग मारे गए थे
शेख़ हसीना

उन्होंने कहा, "यह एक झूठा मामला है, जानने वाले इस बात को अच्छी तरह जानते हैं, मैं भी अच्छी तरह जानती हूँ. उस दिन तो मेरी पार्टी के लोग, मेरे गठबंधन के लोग मारे गए थे. उन लोगों ने हथियारों के साथ हमला किया था. पुलिस भी वहाँ थी. सबने सब कुछ देखा था."

इस आरोपपत्र में विपक्षी अवामी लीग के अन्य 46 सदस्यों के नाम भी शामिल हैं.

इसके अलावा जमाते इस्लामी पार्टी के मौलाना मतीउर्रहमान और उनकी पार्टी के नौ अन्य सदस्यों के ख़िलाफ़ हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.

वापसी

बांग्लादेश में इस बात को लेकर क़यास लगाए जाने लगे हैं कि वे स्वदेश लौटेंगी या नहीं, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "मैं निश्चित रूप से स्वदेश लौटूँगी, वे मुझे इस तरह का मामला चलाकर डरा नहीं सकते, मैं राजनीतिक जीवन में आई हूँ तो इन सब बातों के लिए तैयार होकर आई हूँ."

इससे पहले उन पर एक व्यापारी से जबरन धन वसूली करने का आरोप लगाया जा चुका है, ताज उल इस्लाम फ़ारूक़ ने आरोप लगाया था कि शेख़ हसीना ने उनसे पैसों की माँग की थी.

बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति मुजीबुर्रहमान की बेटी शेख हसीना मौजूदा अंतरिम प्रशासन की मुखर विरोधी रही हैं और उनका कहना है कि अतंरिम प्रशासन आम चुनाव कराने में देरी कर रहा है.

बांग्लादेश में जनवरी में चुनाव होने वाले थे लेकिन अंतरिम प्रशासन ने भ्रष्टाचार को समाप्त करने से पहले चुनाव न कराने की घोषणा की है.

बांग्लादेश के अंतरिम प्रशासन को देश की सेना का समर्थन हासिल है और अंतरिम प्रशासन ने जनवरी महीने से देश में इमरजेंसी लागू कर दी है.

इससे जुड़ी ख़बरें
चुनाव आयुक्त को छुट्टी पर जाने को कहा
20 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
अमरीका ने की अंतरिम सरकार की निंदा
17 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
बांग्लादेश की आज़ादी का सफ़र
15 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
'सेना की तैनाती गंभीर चिंता का विषय'
12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
बांग्लादेश में सेना तैनात की गई
09 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>