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बांग्लादेश:बदल सकती है चुनाव की तारीख़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश के कई राजनीतिक दलों की माँग को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने कहा है कि वो चुनाव की तारीख बदलने पर विचार कर सकता है. देश के प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से माँग की थी कि अगले महीने हाने वाले चुनाव की तारीख बदल दी जाए. इस माँग पर विचार करते हुए चुनाव आयोग ने कहा है कि वो नई तिथि की घोषणा कर सकता है. चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने इस बाबत बताया कि नई तारीख की घोषणा गुरुवार को की जा सकती है. अभी तक तय कार्यक्रम के मुताबिक देश में अगले महीने यानी जनवरी की 23 तारीख को मतदान होना था पर हिंदू धर्म के लोगों का कहना है कि इस तारीख को धार्मिक कारणों से बदल दिया जाना चाहिए. ग़ौरतलब है कि 23 जनवरी को हिंदुओं का सरस्वती पूजा का पर्व है इसलिए वे चुनाव की तारीख बदलवाना चाहते हैं. त्योहार और सुधार चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि देश के दो प्रमुख राजनीतिक दलों, आवामी लीग और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की ओर से भी यह माँग की गई है कि इस तारीख को आगे बढ़ा दिया जाए. इन दलों की ओर से यह भी कहा गया है कि तारीख आगे बढ़ाने से वर्तमान मतदाता सूची में सुधार के लिए और अधिक वक्त मिल सकेगा. हालांकि मतदाता सूची में सुधार का काम शुक्रवार तक पूरा कर लिया जाना है पर राजनीतिक दलों का तर्क है कि इस सूची को दोषमुक्त बनाने के लिए और ज़्यादा समय दिए जाने की ज़रूरत है. चुनाव आयोग के प्रवक्ता का कहना है कि इस संदर्भ में भी गुरुवार को विचार विमर्श किया जाना है जिसके बाद कोई घोषणा की जा सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सेना की तैनाती गंभीर चिंता का विषय'12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस ग़रीबी शांति के लिए ख़तरा: नोबेल विजेता11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में चार मंत्रियों का इस्तीफ़ा11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में 'टल' सकता है चुनाव07 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में सुप्रीम कोर्ट जज हड़ताल पर05 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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