|
'सेना की तैनाती गंभीर चिंता का विषय' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वाच ने बांग्लादेश में चुनाव से पहले सेना तैनात करने पर चिंता जताई है. कार्यवाहक सरकार के मुखिया राष्ट्रपति इयाजुद्दीन अहमद ने पिछले शनिवार को सभी ज़िला मुख्यालयों में सेना तैनात करने का आदेश दिया था. उनका कहना है कि क़ानून और व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के लिए यह क़दम उठाया गया है. पिछले कुछ दिनों में कार्यवाहक सरकार की कार्यप्रणाली के ख़िलाफ़ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए हैं. राष्ट्रपति के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ कार्यवाहक सरकार में शामिल मंत्री स्तर के चार सलाहकारों ने इस्तीफ़ा दे दिया है. चिंता ह्यूमन राइट्स वाच के एशिया निदेशक ब्रैड एडम्स का कहना है, "बांग्लादेश में सेना तैनाती के पिछले अनुभवों को देखते हुए हम काफी चिंतित हैं." उन्होंने कहा, "इससे पहले जब साल 2002 में सेना को सड़कों पर बुलाया गया था तब 50 लोगों की मौत हुई थी. अग़र क़ानून व्यवस्था संभालने के लिए सेना बुलाई गई है तो उसे क़ानून का भी सम्मान करना चाहिए." सेना की तैनाती के बावजूद विपक्षी आवामी लीग ने विरोध प्रदर्शन और तेज़ करने का फ़ैसला किया है. पार्टी अध्यक्ष शेख हसीना का आरोप है कि 23 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची पुरानी है. उनका ये भी कहना है कि चुनाव आयोग के कुछ सदस्य बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के पक्ष में काम कर रहे हैं. बीएनपी की नेता बेगम ख़ालिदा ज़िया ने कार्यकाल समाप्त होने के बाद 28 अक्तूबर को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. उसके बाद से लेकर अब तक देश में भड़की हिंसा में 44 लोग मारे जा चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में चार मंत्रियों का इस्तीफ़ा11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस विरोध प्रदर्शनों के कारण सेना तैनात10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में 'टल' सकता है चुनाव07 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में सुप्रीम कोर्ट जज हड़ताल पर05 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में 'चक्का जाम' समाप्त04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में 21 जनवरी को होंगे चुनाव27 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में पार्टी कार्यकर्ता भिड़े, 50 घायल20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||