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बांग्लादेश में 21 जनवरी को होंगे चुनाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में अगले आम चुनाव की तारीख़ तय हो गई है. वहाँ अगले साल 21 जनवरी को चुनाव होगा. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बांग्लादेश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर काफ़ी विवाद है और चुनाव तिथि की घोषणा भी विवादास्पद है. सत्ताधारी बीएनपी यानी बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी की अगुआई वाली वर्तमान सरकार राष्ट्रपति से चुनाव की तारीख़ घोषित करने का अनुरोध करती रही है. लेकिन अवामी लीग और अन्य विपक्षी पार्टियों की माँग है कि चुनाव आयुक्तों को बदला जाए और वोटर लिस्ट का फिर से अध्ययन हो. पार्टियों का कहना है कि अगर ये बदलाव नहीं लाए गए तो चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे. राष्ट्रपति इजाज़ुद्दीन अहमद करीब छह महीने से पदभार संभाले हुए हैं. उन्होंने कार्यवाहक सरकार के मुख्य सलाहकार के तौर पर पद संभाला था क्योंकि राजनीतिक पार्टियाँ किसी और के नाम पर सहमत नहीं हो पा रही थीं. संविधान के तहत उनकी ज़िम्मेदारी कार्यवाहक निष्पक्ष प्रशासन चलाने की है. संवाददाता के मुताबिक अवामी लीग और दूसरी पार्टियों का कहना है कि इजाज़ुद्दीन अहमद बीएनपी का पक्ष लेते हैं जिसने उन्हें राष्ट्रपति बनाया है. विपक्षी पार्टियों ने कई दिनों तक सड़क मार्गों को रोका और चुनाव आयुक्त एमए अज़ीज़ को पद से हटवा दिया. लेकिन पार्टियों का कहना है कि उनकी जगह जिन्हें नियुक्त किया गया है वे भी बीएनपी के समर्थक हैं. अवामी लीग समेत अन्य विपक्षी दल राष्ट्रपति भवन के बाहर बैठ कर विरोध करने की कोशिश करते रहे हैं लेकिन भवन के बाहर लगे घेरे के चलते पार्टियाँ ऐसा नहीं कर पा रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में पार्टी कार्यकर्ता भिड़े, 50 घायल20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बीएनपी अवामी लीग के विरोध में उतरेगी13 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन12 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में राजनीतिक संकट26 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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