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उत्तर प्रदेश में 45 प्रतिशत मतदान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया है. राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त अनुज कुमार बिशनोई ने बताया कि करीब 45 फ़ीसदी लोगों ने मत डाला. पहले चरण में कुल 62 सीटों के लिए मतदान हुआ है. महरौली सीट पर अनुज कुमार बिशनोई के अनुसार किसी भी स्थान से किसी अप्रिय घटना के समाचार नहीं हैं. जिन सीटों के लिए मतदान हुआ है उनमें मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का क्षेत्र भी आता है. इस मतदान में सबसे अधिक आगरा छावनी में 28 उम्मीदवार थे जबकि झांसी जिले की मौरानीपुर सीट पर केवल चार उम्मीदवार थे. कुछ स्थानों पर वोटर आई कार्ड होने के बावजूद लोगों को मत नहीं डालने दिया गया है. शनिवार को जिन इलाक़ों में मतदान हुआ है उनमें से कई संवेदनशील थे लेकिन किसी भी मतदान केंद्र में हिंसा की कोई ख़बर नहीं है. सुबह में मतदान की गति धीमी होने के कारण मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने चुनाव आयोग के तौर तरीकों पर नाराज़गी जताई थी. इस चरण में उत्तर प्रदेश के 13 ज़िलों में मतदान हुआ है. जिसमें इटावा, कानपुर, एटा, झांसी और आगरा की सीटें शामिल हैं. राज्य के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के पैतृक गाँव सैफ़ई में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम थे और चुनाव आयोग के कठोर निर्देशों के कारण मतदान की गति शुरू में धीमी रही. सुबह के समय हल्की बारिश के कारण किसान रबी की कटाई के बाद खेतों में पड़ी फ़सल को सुरक्षित स्थानों पर रखने में लगे थे जिसके बाद तीसरे पहर मतदान में तेज़ी आई. शुरुआती चार घंटों में 20-25 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. इटावा में मीडिया का सारा ध्यान सैफ़ई मतदान केंद्र पर रहा जहाँ खुद मुलायम सिंह यादव, उनके बेटे अखिलेश यादव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने मतदान किया. कड़ी सुरक्षा गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की 660 कंपनियों को चुनाव के दौरान तैनात किया गया था.
हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग ने कम से कम एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की थी. मुलायम सिंह वोट डालने हेलिकॉप्टर से सैफ़ई पहुँचे. हैलीपैड से गाड़ी से वे मतदान केंद्र पर पहुँचे लेकिन चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत उन्हें निर्धारित सीमा के बाहर ही गाड़ी रोकनी पड़ी. मुलायम सिंह ने दावा किया कि इसके बावजूद उनकी पार्टी को पहले चरण की 62 सीटों में से 45 सीटों पर जीत हासिल होगी. सात चरणों में चुनाव उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में पहली बार चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं. इस चरण में समाजवादी पार्टी के नेता और मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के गढ़ माने जानेवाले इटावा और इसके आसपास के क्षेत्र में मतदान हुआ है.
मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव खुद इटावा ज़िले की भरथना सीट से चुनाव मैदान में हैं. यह विधानसभा क्षेत्र कन्नौज संसदीय सीट का हिस्सा है जहाँ से उनके बेटे अखिलेश यादव सांसद हैं. मुलायम सिंह यादव अपनी सरकार बचाने की लड़ाई में जुटे हुए हैं. दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी की मायावती की पार्टी से उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है और भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी पूरी ताक़त लगा रखी है. कांग्रेस राहुल गाँधी को प्रचार में लगाकर अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है. तो कई छोटे दलों ने भी ताक़त झोंक रखी है. दूसरे चरण का मतदान 13 अप्रैल को होना है. इसके बाद 18 और 23 अप्रैल को फिर तीन और आठ मई को मतदान होगा. मतगणना 11 मई को होगी. |
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