BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 01 अप्रैल, 2007 को 12:43 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
चुनावों में राज बब्बर की परीक्षा

राज बब्बर
राज बब्बर समाजवादी पार्टी के ख़िलाफ़ मुहिम छेड़े हुए हैं
समाजवादी पार्टी से अलग हुए फ़िल्म अभिनेता और आगरा से सांसद राज बब्बर की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अग्नि परीक्षा है.

आगरा की सभी विधानसभा सीटों पर पहले चरण में सात अप्रैल को मतदान होना है.

राज बब्बर समाजवादी पार्टी के नेताओं से मतभेदों के बाद उससे अलग हो गए थे और उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह और अन्य कुछ दलों के साथ मिलकर संयुक्त प्रगतिशील जनमोर्चा को सक्रिय किया.

लेकिन उनके अपने संसदीय क्षेत्र आगरा में उनकी असल परीक्षा है. उन्होंने यहाँ की सभी विधानसभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं लेकिन लोगों के उनकी सफलता पर संशय है.

वरिष्ठ पत्रकार अनिल शुक्ला कहते हैं कि राज बब्बर स्वयं एक अराजनीतिक व्यक्ति हैं और उनसे ऐसे ही व्यक्ति जुड़े हुए हैं.

उनका कहना है कि राज बब्बर की छवि साफ़ है और उनकी गिनती भ्रष्ट नेताओं में नहीं होती.

 मुझे इस बात में शक है कि राज बब्बर के प्रत्याशी मुख्य मुक़ाबले में भी रह पाएँगे.
अनिल शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार

अनिल शुक्ला कहते हैं,'' मुझे इस बात में शक है कि राज बब्बर के प्रत्याशी मुख्य मुक़ाबले में भी रह पाएँगे.''

दूसरी ओर जनमोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र सिंह का कहना है कि राज बब्बर ने लोक सभा चुनाव ज़रूर समाजवादी पार्टी से लड़ा था लेकिन जीत उनके व्यक्तिगत प्रभाव के कारण हुई थी.

उनका दावा है कि शहर के पाँचों विधानसभा क्षेत्रों में जनमोर्चा के उम्मीदवार बढ़िया तरीके से लड़ रहे हैं.

कड़ा मुक़ाबला

आगरा के प्रमुख रंगकर्मी जितेंद्र रघुवंशी कहते हैं कि राज बब्बर की छवि एक ईमानदार और जुझारू नेता की है.

 यह कहना मुश्किल है कि उनकी पार्टी कितनी सीटें जीतेगी लेकिन इतना तो तय है कि वो समाजवादी पार्टी को ज़रूर नुक़सान पहुँचाएगी
डॉक्टर सुधीर धाकरे, चिकित्सक

उनका कहना है कि जहाँ तक आगरा के चुनावों पर असर का सवाल है तो यह हमेशा बुनियादी मुद्दों पर नहीं लड़ा जाता है.

वो कहते हैं कि जन मोर्चा अभी बनने की प्रक्रिया में है. उसके पास समर्थक हैं लेकिन सांगठनिक ढांचा नहीं है.

चिकित्सक डॉक्टर सुधीर धाकरे का कहना है कि राज बब्बर ने व्यक्तिगत प्रयासों से समाजवादी पार्टी को आगरा में प्रवेश दिलवाया.

वो कहते हैं कि यह कहना मुश्किल है कि उनकी पार्टी कितनी सीटें जीतेगी लेकिन इतना तो तय है कि वो समाजवादी पार्टी को ज़रूर नुक़सान पहुँचाएगी.

मुलायम सिंहमुलायम की मुश्किलें
यूपी में मुलायम सिंह की चुनावी रणनीति कारगर होती नज़र नहीं आ रही है.
भाजपाभाजपा की संभावना
भाजपा यूपी में सत्ता की दावेदारी में कहीं दिखाई नहीं पड़ती है. एक विश्लेषण.
इससे जुड़ी ख़बरें
निर्दलियों का अलग चुनावी संसार
01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस
यूपी चुनावों में प्रचार के नए तरीके
31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस
कांशीराम के बिना मायावती
15 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस
वाजपेयी के बिना भाजपा का प्रचार
23 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस
भाजपा को संघ-विहिप का वैसा साथ नहीं
11 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस
पिछड़े वर्ग के धनी लोगों को भी आरक्षण
08 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>