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यूपी में मतदान हुआ संपन्न | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 62 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो गया है. आरंभिक रिपोर्टों के अनुसार औसतन कम मतदान हुआ है. मतदान संपन्न होने का समय पांच बजे का था और अब लगभग सभी स्थानों पर मतदान खत्म हो चुका है. कुछ स्थानों से ख़बर है कि वोटर आई कार्ड होने के बावजूद लोगों को मत नहीं डालने दिया गया है और संभवत यही कारण है कि आरंभिक रिपोर्टों में कम मतदान की बात कही जा रही है. आज जिन इलाक़ों में मतदान हुआ है उनमें से कई संवेदनशील थे लेकिन किसी भी मतदान केंद्र में हिंसा की कोई ख़बर नहीं है. सुबह में मतदान की गति धीमी होने के कारण मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने चुनाव आयोग के तौर तरीकों पर नाराज़गी जताई. इस चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 13 ज़िलों में मतदान हुआ है. जिसमें इटावा, कानपुर, एटा, झांसी और आगरा की सीटें शामिल हैं. राज्य के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के पैतृक गाँव सैफ़ई में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम और चुनाव आयोग के कठोर निर्देशों के कारण मतदान की गति धीमी है. सुबह के समय हल्की बारिश के कारण किसान रबी की कटाई के बाद खेतों में पड़ी फ़सल को सुरक्षित स्थानों पर रखने में लगे थे जिसके बाद तीसरे पहर मतदान में तेज़ी आई. शुरुआती चार घंटों में 20-25 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. इटावा में मीडिया का सारा ध्यान सैफ़ई मतदान केंद्र पर रहा जहाँ खुद मुलायम सिंह यादव, उनके बेटे अखिलेश यादव और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने मतदान किया. कड़ी सुरक्षा गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की 660 कंपनियों को चुनाव के दौरान तैनात किया गया है.
हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग ने कम से कम एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है. मुलायम सिंह वोट डालने हेलिकॉप्ट से सैफ़ई पहुँचे. हैलीपैड से गाड़ी से वे मतदान केंद्र पर पहुँचे लेकिन चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत उन्हें निर्धारित सीमा के बाहर ही गाड़ी रोकनी पड़ी. मुलायम सिंह ने दावा किया कि इसके बावजूद उनकी पार्टी को पहले चरण की 62 सीटों में से 45 सीटों पर जीत हासिल होगी. सात चरणों में चुनाव उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास में पहली बार चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं. इस चरण में समाजवादी पार्टी के नेता और मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के गढ़ माने जानेवाले इटावा और इसके आसपास के क्षेत्र में मतदान हो रहा है.
मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव खुद इटावा ज़िले की भरथना सीट से चुनाव मैदान में हैं. यह विधानसभा क्षेत्र कन्नौज संसदीय सीट का हिस्सा है जहाँ से उनके बेटे अखिलेश यादव सांसद हैं. मुलायम सिंह यादव अपनी सरकार बचाने की लड़ाई में जुटे हुए हैं. दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी की मायावती की पार्टी से उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है और भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी पूरी ताक़त लगा रखी है. कांग्रेस राहुल गाँधी को प्रचार में लगाकर अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है. तो कई छोटे दलों ने भी ताक़त झोंक रखी है. दूसरे चरण का मतदान 13 अप्रैल को होना है. इसके बाद 18 और 23 अप्रैल को फिर तीन और आठ मई को मतदान होगा. मतगणना 11 मई को होगी. |
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