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'चुनावों में भाजपा को बहुमत मिलेगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह का दावा है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बहुमत हासिल करेगी और अगर ऐसा नहीं हो पाया तो बहुमत के नज़दीक ज़रूर पहुँच जाएगी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और भाजपा की संभावना पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से हुई बातचीत के अंश. चुनाव प्रचार में आपने क्या देखा जिससे आप उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर इतने आशान्वित हैं? समाजवादी पार्टी के शासनकाल में राज्य की क़ानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है. दहशत का आलम था. जहाँ तक बहुजन समाज पार्टी की बात है तो आम जनता में उनके बारे में राय है कि उनके राज में भ्रष्टाचार चरम पर रहा है. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और इन मामलों में सीबीआई जाँच चल रही है. सबसे ख़ास बात तो यह है कि इन जाँच के आदेश किसी राज्य सरकार ने नहीं दिए बल्कि सर्वोच्च न्यायालय ने ख़ुद इसे संज्ञान में लिया था. जनता उनके विरोध में है. लेकिन आपकी जो पहचान थी और जो जनाधार बना था वो हिंदुत्व और राम मंदिर के मुद्दे पर बना था उस पर तो आपने कुछ किया नहीं तो आपका वोटर भी तो निराश है. नहीं, वो हमसे निराश नहीं हैं क्योंकि वे जानते हैं कि हमने छह साल जो सरकार चलाई वो गठबंधन की सरकार थी जो साझा न्यूनतम कार्यक्रमों पर चल रही थी. साझा एजेंडे पर सरकार चलाना हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी थी. ये बात हमारे लोग समझते हैं. लोग महसूस करते हैं कि जब भारतीय जनता पार्टी पूरे बहुमत के साथ सत्ता में आएगी तो अपनी विचारधारा और सिद्धांतों के आधार पर ही सरकार चलाएगी. आप कह रहे हैं कि भाजपा को बहुमत मिलेगा लेकिन और लोगों का मानना है कि किसी एक पार्टी को उत्तर प्रदेश में बहुमत नहीं मिलने जा रहा और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगेगा. लोगों का अपना अनुमान हो सकता है लेकिन मेरा अपना मानना है. आप समाजवादी पार्टी के वर्चस्व वाले किसी भी शहर में जाकर देख लें आप को स्थिति ख़ुद समझ आ जाएगी. अगर किसी को बहुमत नहीं मिलता तो आप किसी दूसरी पार्टी से हाथ मिलाएंगे. नहीं किसी दूसरी पार्टी से गठबंधन करने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता. आप हाथ नहीं मिलाएंगे तो राष्ट्रपति शासन लगेगा. सरकार तो बनेगी. मेरा तो मानना है कि हमें बहुमत मिलेगा या फिर हम बहुमत के पास पहुँचेंगे. क्या इस तरह की बात चल रही है कि मुलायम सिंह को अलग-थलग रख कर एक गठबंधन बनाया जाए? नहीं इस तरह की कोई कोशिश नहीं चल रही. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से संबंध रखने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता. मुलायम से अलग हुए बेनी प्रसाद वर्मा को लेकर कुछ कोशिशों की बात सुनने में आ रही है? नहीं, इस दिशा में कोई कोशिश नहीं की जा रही है. तो राष्ट्रपति शासन लगेगा ऐसा क्यों मानते हैं. हो सकता है कि भाजपा को बहुमत मिल जाए या फिर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा उभरे और निर्दलीय और अन्य छोटी पार्टियों के सहयोग से भाजपा सरकार बनाए. यानी फिर वही गठबंधन और दलबदल की राजनीति? देखिए गठबंधन की सरकार तो केन्द्र में भी चल रही है और अन्य राज्यों में भी चल रही है. इसलिए आप गठबंधन की अपरिहार्यता को नहीं नकार सकते. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सोनिया स्वीकार नहीं, बच्चों पर आपत्ति नहीं'25 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने की कोशिश01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'छोटे चौधरी' के गढ़ में काँटे का मुक़ाबला 01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस यूपी चुनावों में भाजपा की संभावना23 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस वसुंधरा के ख़िलाफ़ बगावत की बू03 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नाराज़ योगी का भाजपा से विद्रोह27 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस वाजपेयी के बिना भाजपा का प्रचार23 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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