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'हथियार नहीं 'बम' कहा था प्रचंड ने' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
माओवादी नेताओं ने कहा है कि उनके नेता प्रचंड के बयान का ग़लत अर्थ निकाला गया. प्रचंड ने कुछ माओवादियों के हथियार जमा नहीं करने की बात कही थी. माओवादी नेताओं ने प्रचंड के बयान से उत्पन्न हुई स्थिति को सँभालने की कोशिश की है और कहा है कि उनका आशय हथियारों से नहीं बमों से था. नेपाल की सरकार में जल्दी ही शामिल होने जा रहे माओवादी नेता प्रचंड ने कहा था कि अभी भी हज़ारों माओवादी लड़ाके शिविरों में नहीं हैं और हथियार जमा नहीं किए गए हैं. माओवादी नेता पुष्पकमल दहल यानी प्रचंड के इस बयान पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता ज़ाहिर की थी. माओवादी पार्टी के उपनेता बाबूराम भट्टाराई ने कहा कि बेशक पार्टी के अध्यक्ष प्रचंड ने संयुक्त राष्ट्र से मान्यता प्राप्त शिविरों से बाहर हथियार होने की बात की थी, लेकिन उन्होंने ये बात नेपाली में की थी और उनका आशय 'बम' से था. सफाई भट्टाराई ने कहा कि बम नहीं छिपाए गए हैं और ये शिविरों के बाहर हैं, जिसकी जानकारी संयुक्त राष्ट्र को है. उन्होंने कहा, "हमारी लड़ाई मुख्यत: बमों से लड़ी जाती है, न कि हथियारों से." यह पूछे जाने पर कि क्या माओवादी शिविरों से बाहर हैं, भट्टाराई ने प्रचंड के बयान का हवाला देते हुए कहा कि शिविरों से बाहर ऐसे हज़ारों माओवादी हैं जो बम बना सकते हैं और युद्ध लड़ सकते हैं, भले ही वो माओवादी सेना के सदस्य नहीं हैं. मुश्किलें प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला ने प्रचंड के बयान पर चिंता जताई है और कहा कि इससे माओवादियों को शांति समझौते के अनुसार सरकार में शामिल करने की प्रक्रिया जटिल होगी. माओवादियों के हथियार छोड़ने के कार्यक्रम की निगरानी कर रहे संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा है कि वह इस बयान के संबंध में माओवादी नेताओं से सफ़ाई माँगेगा. मिशन ने कहा है कि हथियार जमा न कराना शांति समझौते का उल्लंघन है. समझौते के तहत सभी माओवादी लड़ाकों को नेपाल भर में बनाए गए 28 शिविरों में चले जाना है और उनके हथियार कंटेनरों में जमा होने हैं. मिशन ने कहा कि विस्फ़ोटकों को शिविरों से सुरक्षित दूरी पर रखा गया है और बकायदा दस्तावेज़ों में इनका उल्लेख है. षड्यंत्र उधर, एक अन्य घटनाक्रम में शाही महल ने एक बयान जारी कर राजनेताओं की हत्या के लिए सुपारी देने संबंधी माओवादियों के आरोपों का खंडन किया है. बयान में इन आरोपों को 'बेबुनियाद और सत्य से परे' बताया है. माओवादी नेता कृष्ण प्रसाद महेरा ने आरोप लगाया था कि शाही महल ने शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए राजनेताओं की हत्या की साजिश रची है. उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह प्रचंड ने भी आरोप लगाया था कि शाही महल की ओर से काठमांडू स्थित एक अमरीकी अधिकारी की हत्या का षड्यंत्र रचा गया और इसका आरोप माओवादियों के सिर मढ़ दिया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रचंड के बयान से संयुक्त राष्ट्र चिंतित13 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस प्रचंड दावे के सबूत पेश नहीं कर पाए10 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादी गतिविधियों पर चिंता22 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'माओवादी शिविर छोड़ काम पर निकले'21 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अब नहीं चलेगा राजा का सिक्का25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादियों की सामानांतर सरकार भंग18 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल के माओवादी विद्रोही अब संसद में15 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में निरस्त्रीकरण समझौता28 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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