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दो संदिग्ध अभियुक्तों के 'स्केच' जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाकों की जाँच में तेज़ी लाते हुए पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों के 'स्केच' जारी किए हैं. रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शरद कुमार ने मंगलवार को बताया कि दोनों संदिग्ध लोग पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से ही समझौता एक्सप्रेस पर सवार हुए थे और उनकी रेलवे पुलिस बल (जीआरपी) के साथ झड़प भी हुई थी. एक प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर पुलिस ने इन दोनों लोगों के स्केच जारी किए हैं. हालाँकि आईजी का कहना है कि इस घटना के पीछे दो से ज़्यादा लोगों के शामिल होने की आशंका है. उन्होंने कहा, "जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया, उससे लगता है कि इसके पीछे एक या दो नहीं बल्कि ज़्यादा लोगों का समूह होगा." आईजी शरद कुमार ने बताया कि ये दोनों ही लोग दीवाना रेलवे स्टेशन पर रात लगभग 11 बज कर 40 मिनट पर उतर गए. इसके थोड़ी ही देर बाद ट्रेन में धमाके हुए थे. उन्होंने कहा कि मामले की जाँच के लिए सभी एजेंसियों से सहयोग मिल रहा है और मुंबई पुलिस की विशेष टीम भी पानीपत पहुँच रही है. पुलिस ने इन संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी देने वालों को एक लाख रुपए का नक़द ईनाम देने की भी घोषणा की है. शरद कुमार ने बताया कि जाँच के लिए दो टीम गठित की गई है जो घायलों और रेलवे अधिकारियों से पूछताछ कर रही है. मृतकों की संख्या 68 हुई हरियाणा पुलिस ने घटनास्थल से मिट्टी के तेल की 14 बोतलें, एक पाइप, एक डिजिटल टाइमर, सूटकेस का कवर और कुछ अन्य सामान बरामद किया है. शरद कुमार ने बताया कि घटना में जीआरपी के एक सहायक सब इंस्पेक्टर की भी मौत हो गई. इस बीच बुरी तरह घायल 15 साल के किशोर हारिफ़ मोहम्मद ने भी मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया.
इसके साथ ही मरने वालों की कुल संख्या 68 हो गई है. इससे पहले रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बताया था कि पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. इस बारे में जानकारी देते हुए शरद कुमार ने बताया कि इसका नाम उस्मान मोहम्मद है और यह जाँच में पुलिस को सहयोग कर रहा है. उस्मान पाकिस्तानी नागरिक है और कराची का रहने वाल है. घटना रविवार की रात को दिल्ली से अटारी जा रही समझौता एक्सप्रेस में दीवाना स्टेशन से चलने के बाद धमाके हुए और उसमें आग लग गई. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी वीएन माथुर ने बताया कि रेल रात के 11 बजकर 54 मिनट पर निकली थी और दो किलोमीटर चलने के बाद ही आग लगने के कारण उसे रोकना पड़ा.
इस बीच समझौता एक्सप्रेस ट्रेन सुरक्षित बचे यात्रियों को लेकर वाघा सीमा पार करके लाहौर पहुँच गई है जहाँ कड़ी सुरक्षा के बीच बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. रेल जब लाहौर के मुख्य स्टेशन पर पहुँची तो वहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, बीबीसी के लाहौर स्थित संवाददाता का कहना है कि वहाँ मौजूद लोग अपने रिश्तेदारों से मिलकर राहत महसूस कर रहे थे लेकिन दुखी भी थे. इस मौक़े पर रेल मंत्री शेख़ रशीद अहमद भी स्टेशन पर मौजूद थे जिन्होंने घोषणा की कि मरने वालों के परिजनों को पाँच लाख रूपए का मुआवज़ा दिया जाएगा. |
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