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भाग्यशाली रहे क़मरुद्दीन की आपबीती | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क़मरुद्दीन ने सोचा भी नहीं होगा कि समझौता एक्सप्रेस से उनके अपने वतन पाकिस्तान की यात्रा इतनी त्रासदी भरी होगी और उन्हें 66 लोगों की मौत का गवाह बनना पड़ेगा. पाकिस्तान के समीज़ाबाद शहर के रहने वाले क़मरुद्दीन भी उन सैकड़ों यात्रियों में शामिल हैं जो रविवार की आधी रात बम धमाके झेल चुकी समझौता एक्सप्रेस में सवार थे. क़मरुद्दीन ने रविवार रात हुए बम धमाकों को बहुत ही क़रीब से देखा. वो उस डिब्बे में ही सवार थे जिसमें आग लगी थी. उन्होंने बताया," ट्रेन में बहुत तेज़ धमाका हुआ. मुझे लगा जैसे कोई बम फट गया." क़मरुद्दीन दिल्ली में अपनी बुआ के बच्चों से मिलकर पाकिस्तान वापस जा रहे थे. आज भी हरियाणवी लहज़े में बात करने वाले क़मरुद्दीन के पूर्वज पहले भारत में ही रहा करते थे. उनके चाचा, बुआ और अन्य रिश्तेदार आज भी हरियाणा के रोहतक ज़िले में रहते हैं. भाग्य ये पूछे जाने पर कि वो ज़िंदा कैसे बच गए क़मरुद्दीन ने बताया कि दो लड़कों ने उन्हें बाहर की ओर धकेल दिया जिससे वो ट्रेन से बाहर आ गए और पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया. हादसे से सिहरे हुए क़मरुद्दीन ने बताया कि सभी उनकी तरह भाग्यशाली नहीं थे," एक औरत अपने चार बच्चों के साथ ट्रेन पर सवार हुई थी लेकिन आग लगने से उसके तीन बच्चे आग की भेंट चढ़ गए सिर्फ़ वही बच्चा बच पाया जो उसकी गोद में था." बीबीसी संवाददाता ने जब उनसे पूछा कि क्या वो पाकिस्तान में अपने रिश्तेदारों को कोई संदेश देना चाहते हैं तो क़मरुद्दीन घबराते हुए कहते हैं," नहीं मेरे बच्चों से कुछ मत बताना. वो बेवज़ह परेशान हो जाएंगे. मैं दो-तीन दिन में घर पहुँच जाऊँगा." समझौता एक्सप्रेस के दो डिब्बों में बम विस्फोट हुए जिसमें 66 लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी और 50 से अधिक घायल हो गए. | इससे जुड़ी ख़बरें राहत कार्यों में तेज़ी, 11 शवों की शिनाख़्त19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तानी यात्रियों को हरसंभव मदद'19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत और पाकिस्तान में व्यापक निंदा19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस समझौता एक्सप्रेस में आग18 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस ' दो देशों की दोस्ती तोड़ने का प्रयास'19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'शुरू में समझ नहीं आया कि हुआ क्या'19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी यात्रियों के परिजनों को वीज़ा19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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