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'पाकिस्तानी यात्रियों को हरसंभव मदद' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट में हताहत लोगों के रिश्तेदारों को वीज़ा देगा जिससे वे भारत आ सकें. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना कहा कि भारत सरकार हताहतों के रिश्तेदारों को अटारी से पानीपत और दिल्ली लाने की भी व्यवस्था करेगी. उन्होंने कहा कि समझौता एक्सप्रेस बम धमाकों में हताहतों को मानवीय आधार पर मदद पहुँचाना भारत सरकार की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार इन बम धमाकों की व्यापक निंदा करती है. पहचान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि धमाकों में बहुत से पाकिस्तानी नागरिक मारे गए हैं लेकिन अभी उनकी संख्या और पहचान बताना बहुत कठिन होगा. सरना के अनुसार अभी मृतकों और घायलों की राष्ट्रीयता भी अलग-अलग नहीं बताई जा सकती. उनका कहना था कि कुछ मृतकों के शरीर इतने अधिक जल गए हैं कि उनकी पहचान मुश्किल हो रही है. नवतेज सरना ने बताया कि पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से दो अधिकारी घटना स्थल पर पहुँच रहे हैं और दो पाकिस्तानी अधिकारी पाकिस्तानी यात्रियों की सहायता करने के लिए अटारी रेलवे स्टेशन पर पहुँच रहे हैं. सरना ने बताया," पाकिस्तानी अधिकारियों को अनारक्षित श्रेणी में यात्रा कर रहे यात्रियों से जुड़ी पहचान संबंधी जानकारियाँ भेज दी गईं हैं जिससे मृतकों की शिनाख़्त में आसानी होगी." लाहौर में भी एक अस्थायी वीज़ा शिविर बनाया गया है और कुछ हेल्प लाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं जहाँ से हताहतों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत और पाकिस्तान में व्यापक निंदा19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस ' दो देशों की दोस्ती तोड़ने का प्रयास'19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस धमाकों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी 19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट, 66 लोगों की मौत19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस वीडियो: घटनास्थल पर चल रहे राहतकार्य19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी यात्रियों के परिजनों को वीज़ा19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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