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रविवार, 11 फ़रवरी, 2007 को 18:06 GMT तक के समाचार
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भट्ठल, सिंगला की राह आसान नहीं

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अमृतसर में भाजपा उम्मीदवार सिद्धू के पक्ष में उतरे
पंजाब के विधानसभा चुनाव में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य की उपमुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उधर अमृतसर संसदीय उपचुनाव में वित्त मंत्री सुरिंदर सिंगला की भी राह आसान नहीं है.

तेरह फ़रवरी को हो रहे विधानसभा चुनावों में लहरा-गागा में भट्ठल का मुकाबला पूर्व अकाली सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा से है जबकि सुरिंदर सिंगला को कड़ी टक्कर मिल रही है पूर्व क्रिकेटर और भाजपा प्रत्याशी नवजोत सिंह सिद्धू से.

लहरा-गागा - उपमुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल (कांग्रेस) और पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा (कांग्रेस)

उपमुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल पिछले 15 साल से इस चुनाव क्षेत्र से जीतती आई हैं. पिछले चुनाव में वे 15 हज़ार से ज्यादा मतों से विजयी रही थीं. लेकिन इस बार उनका मुकाबला है पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा से, जो इस क्षेत्र का संसद में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

चंदूमाजरा दिवंगत अकाली नेता गुरचरण सिंह टोहड़ा के चेले रहे, जिनका ज़्यादा दख़ल सिख धार्मिक मामलों में था और आधार भी ज़्यादातर सिखों के बीच ही था. लेकिन इस बार चंदूमाजरा ज़्यादा ध्यान विकास, किसानों की हालत और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर केंद्रित कर रहे हैं.

लहरा-गागा चुनाव क्षेत्र में एक वर्ग ऐसा भी है जिसका आरोप है कि 15 साल विधायक रहने के बावजूद आम जनता की और चुनाव क्षेत्र की हालत सुधरी नहीं है.

हरियाणा की सीमा से सटे अंदाना गाँव के निवासी कुलवंत सिंह का कहना था, "हर बार भट्ठल के समर्थक आकर हमारा वोट माँगते हैं. वे कहते हैं कि क्षेत्र में आईटीआई और एक अस्पताल बनाए गए. लेकिन असलियत ये है कि अस्पताल में कर्मचारी और डॉक्टर नहीं हैं, तो ये कैसा विकास है."

भट्ठल
कड़े मुकाबले के कारण भट्ठल ने प्रचार का ज़्यादातर समय लहरा-गागा में ही गुज़ारा है

महत्वपूर्ण है कि इसी चुनाव क्षेत्र में मूनक नाम का कस्बा है जहाँ बहुत से किसानों ने आत्महत्या की है. पंजाब में आत्महत्या की ख़बर इसी कस्बे में घटी घटनाएँ के कारण सामने आई थीं.

उधर रजिंदर कौर भट्ठल के इस चुनाव क्षेत्र में अनेक कट्टर समर्थक हैं. भट्ठल का कहना है कि उन्होंने वहाँ पुल, अस्पताल और स्कूल बनवाए हैं और सड़कें पक्की की हैं जिसके कारण इस पिछड़े इलाक़े का विकास हुआ है.

अमृतसर संसदीय सीट - वित्त मंत्री सुरिंदर सिंगला (कांग्रेस) और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिद्धू (भाजपा):

अमृतसर की संसदीय सीट के उपचुनाव में अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है. दोनो पक्षों के दिग्गज नेताओं ने इस चुनाव क्षेत्र का दौरा किया है और रैलियों को संबोधित किया है.

नवजोत सिंह सिद्धू के संसद से इस्तीफ़े के बाद हो रहे इस उपचुनाव में कांग्रेस ने पंजाब के वित्त मंत्री सुरिंदर सिंगला को उतारा. महत्वपूर्ण है कि दोनो ही नेता अमृतसर के नहीं बल्कि पटियाला से हैं.

सिगंला
सुरिंदर सिंगला के पक्ष में प्रचार करने कांगेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पहुँचीं

कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कई जनसभाओं के संबोधित किया, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने भी रैलियों को संबधित किया. ये अलग बात है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की रैली में तो ज़्यादा भी नहीं जुटी.

उधर अकाली-भाजपा गठबंधन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और कई अन्य नेताओं को अमृतसर में चुनाव प्रचार के लिए बुलाया.

सुरिंदर सिंगला अपने प्रचार में कह रहे हैं कि कांग्रेस सरकार की नीतियों सेअर्थव्यवस्था 'सुधर' रही है. वे ये भी आश्वासन देते हैं कि अमृतसर शहर के लिए मेट्रो रेलगाड़ी और अन्य शहरी विकास की योजनाएँ शुरु की जाएँगी.

उधर सिद्धू अपने इस्तीफ़ा देने के 'नैतिक' फ़ैसले का दावा करता है और साथ ही बेरोज़गार युवकों के लिए रोज़गार, किसानों के लिए विशेष सुविधाएँ और व्यापारियों के लिए करों में छूट का वादा कर रहे हैं.

महत्वपूर्ण है कि जहाँ अमृतसर शहर में हिंदू समुदाय का काफ़ी संख्या है वहीं ग्रामीण इलाक़ों में ज़्यादातर आबादी जाट सिख और दलित मतदाताओं की है. वर्ष 2004 के चुनाव में सिद्धू को ग्रामीण इलाक़ो से काफ़ी समर्थन मिला था और उन्होंने चुनाव भारी बहुमत से जीता था.

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