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गुरुवार, 25 जनवरी, 2007 को 18:30 GMT तक के समाचार
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राजनीति में भ्रष्टाचार पर भट्टी का व्यंग्य

भट्टी
भट्टी राजनीति पर पहले भी व्यंग्य करते रहे हैं
पंजाब में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हास्य-व्यंग्य के जाने माने कलाकार जसपाल भट्टी एक बार फिर राजनीति में भ्रष्टाचार पर निशाना साध रहे हैं.

शुक्रवार शाम को चंडीगढ़ में सैंकड़ों दर्शकों के बीच भट्टी और उनके साथियों ने अपनी नई 'लैंड ग्रैबर्स एंड डीलर्स पार्टी' के गठन की घोषणा की.

व्यंग्य के ज़रिए राजनीति में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार को उजागर करते रहे भट्टी कहते हैं, "अगर हमारी पार्टी को जीत मिली तो हम पंजाब की सारी उपजाऊ ज़मीन किसानों से छीन कर बड़े-बड़े उद्योगपतियों के हवाले कर देंगे."

मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए वो कहते हैं, "हम पंजाब के किसानों को गमलों में खेती करने का प्रशिक्षण दिलाएंगे और चूंकि हमे पढ़ाई लिखाई से कोई मतलब नहीं है, इसलिए सारे स्कूलों को बंद करके उनकी जगह शॉपिंग मॉल खोल देंगे. मगर भ्रष्टाचार करने की अनुमति केवल मंत्रियों और बड़े अफ़सरों को ही दी जाएगी."

'टिकटों की नीलामी'

जसपाल भट्टी टिकटों के बँटवारे पर कहते हैं, "हमारी पार्टी की टिकटें सिर्फ़ नीलामी के ज़रिए दी जाएंगी. लोग बोली लगाएंगे और सबसे ऊँची बोली लगाने वाले को टिकट दी जाएगी."

 हम पंजाब के किसानों को गमलों में खेती करने का प्रशिक्षण दिलाएंगे और चूंकि हमे पढ़ाई लिखाई से कोई मतलब नहीं है, इसलिए सारे स्कूलों को बंद करके उनकी जगह शॉपिंग मॉल खोल देंगे. मगर भ्रष्टाचार करने की अनुमति केवल मंत्रियों और बड़े अफ़सरों को ही दी जाएगी
जसपाल भट्टी

पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए ज़ोर-शोर से चल रहे अभियान के बीच हास्य-व्यंग्य के इस माहिर कलाकार ने देश भर में और ख़ास कर पंजाब में किसानों की उपजाऊ ज़मीन के अधिग्रहण के मुद्दे पर अपने अनोखे अंदाज़ में ध्यान दिलाने का प्रयास किया है.

शाम को दफ़्तर से घर लौट रहे लोग इतने प्रभावित हुए कि मनोरंजन के साथ-साथ उन्होंने भट्टी और उनके साथियों के साथ नारे भी लगाने शुरू कर दिए.

एक भावुक बुज़ुर्ग दर्शक ने तो भट्टी पर पैसे वार कर ग़रीबों को दान में दिए.

रोज़ाना ही सरकार में भ्रष्टाचार से जूझने वाले लोगों के बीच कुछ हँसी बाँटते हुए भट्टी की ये नई प्रस्तुति हमेशा की तरह एक दम हिट रही.

इससे पहले भी जसपाल भट्टी और उनके साथियों ने चंडीगढ़ नॉनसेंस क्लब के माध्यम से भ्रष्टाचार, दहेज प्रथा और पर्यावरण संकट जैसे अनेकों विषयों पर सफल कार्यक्रम बना चुके हैं.

कई वर्ष पहले बड़े नेताओं को हवाला के पैसे दिए जाने के आरोपों के बीच भट्टी ने तबके लोकसभा चुनावों से पहले कुछ इसी तरह 'हवाला पार्टी' बनाई थी.

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