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'मीडिया के कामकाज में कोई दखल नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा है कि सरकार मीडिया के कामकाज पर कोई दखल नहीं देना चाहती और उस पर शिकंजा कसने के दावे ग़लत हैं. प्रियरंजन दासमुंशी ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा कि सरकार एक प्रसारण विधेयक ला रही है जिसकी सहायता से सरकार भारतीय मीडिया की स्वतंत्रता को और मज़बूत करना चाहती है. उन्होंने कहा कि विधेयक से मीडिया को सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त करने में सहायता मिलेगी. सूचना और प्रसारण मंत्री ने मीडिया पर सरकार का शिकंजा कसे जाने के दावों को गलत बताया है. प्रस्तावित प्रसारण विधेयक के बारे में पूछे गए सवाल के बारे में प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा,'' मैं आधिकारिक तौर पर आपको बता रहा हूँ कि जब ये विधेयक आएगा तो मैं दुनिया के सामने साबित कर दूँगा कि ये क़ानून प्रसारकों, आम जनता और सभी तरह के मीडिया का सच्चा हितैषी क़ानून है. इसमें हम सरकार के दखल की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ेंगे.'' उनका कहना था कि जिस देश में करीब 300 टीवी चैनल हों, वहाँ अगर नियमों का लगातार और लंबे समय तक उल्लंघन करने वाले इक्का दुक्का चैनलों के ख़िलाफ़ सांकेतिक कार्रवाई की जाए तो उसे मीडिया को नियंत्रित करने या उसकी आवाज़ दबाने की संज्ञा नहीं दी जा सकती. एफ़एम पर समाचार नहीं सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा है कि फ़िलहाल निजी एफ़एम रेडियो स्टेशनों को समाचार प्रसारित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उनका कहना था कि इन स्टेशनों को पहले ज़िम्मेदार प्रसारक होने की कसौटी पर ख़रा उतरना होगा. उनका कहना था, '' एफ़एम रेडियो स्टेशनों को समाचार की अनुमति हम सोच समझकर नहीं दे रहे हैं. अभी इन रेडियो स्टेशनों को अपने आपको कुछ वर्षों तक तैयार करना होगा. उसके बाद इस पर विचार किया जाएगा.'' प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा,'' मेट्रो शहरों के स्थानीय समाचार प्रसारित करने की संभावना पर हम विचार करेंगे.'' एफ़एम के बार में सूचना और प्रसारण मंत्री का कहना था कि भारत में एफ़एम रेडियो को फिलहाल समाचार प्रसारक के रूप में नहीं सुना जाता है और सरकार की इस बारे में दीर्घकालिक योजना है. | इससे जुड़ी ख़बरें 90 शहरों में 330 नए एफ़एम स्टेशन30 जून, 2005 | पत्रिका बिहार में चल रहा है 50 रुपये का रेडियो स्टेशन24 फ़रवरी, 2006 | पत्रिका चुप हो गया सबसे सस्ता रेडियो स्टेशन30 मार्च, 2006 | पत्रिका निजी एफ़एम पर ख़बरें अभी नहीं22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में एफ़एम पर समाचार की अनुमति30 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस पाँच हज़ार रूपए में बना रेडियो स्टेशन23 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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