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90 शहरों में 330 नए एफ़एम स्टेशन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 90 शहरों में 330 निजी एफ़एम रेडियो स्टेशन खोलने की अनुमति देने का फ़ैसला किया है. ये सभी निजी रेडियो स्टेशन होंगे और इसमें 20 प्रतिशत तक सीधे विदेशी निवेश की अनुमति भी दी गई है. ये सभी रेडियो स्टेशन सिर्फ़ मनोरंजन के कार्यक्रम प्रसारित करेंगे और इसमें समाचारों का प्रसारण नहीं होगा. सूचना और प्रसारण मंत्री जयपाल रेड्डी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि एफ़एम पर समाचारों के प्रसारण पर अभी विचार नहीं किया गया है और इसका अर्थ है कि समाचारों के प्रसारण पर लगी रोक जारी रखी जाएगी. अब तक एफ़एम स्टेशनों में विदेशी संस्थाओं, व्यावसायिक संगठनों और अप्रवासी भारतीयों को निवेश की अनुमति थी लेकिन सीधे विदेशी निवेश की अनुमति पहली बार दी गई है.
एफ़एम रेडियो स्टेशनों को एक बार एंट्री फ़ीस या प्रवेश शुल्क और चार प्रतिशत राजस्व की भागीदारी के आधार पर निजी लोगों को देने का फ़ैसला किया गया है. इससे पहले एफ़एम के लिए लाइसेंस शुल्क का प्रावधान था. इसके चलते एफ़एम स्टेशनों का विस्तार वैसा नहीं हो सका जैसा कि सरकार चाहती थी. पहले 108 एफ़एम स्टेशनों के लिए आवेदन मंगाए गए थे जिसमें से सिर्फ़ 21 ने काम करना शुरु किया और अब दो ने इसे बंद करने का नोटिस दिया है.
जयपाल रेड्डी ने बताया कि एफ़एम स्टेशनों के लिए निविदाएँ मंगवाने की प्रक्रिया एक महीने में शुरु हो जाएगी. एफ़एम पर समाचारों के प्रसारण के बारे में उन्होंने कहा, "अब तक सरकार ने इस बारे में विचार नहीं किया है...मैं ना नहीं कह रहा हूँ...लेकिन अभी हमने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है और इससे पहले कई विषयों पर विचार करना होगा." एकाधिकार नहीं एफ़एम पर एकाधिकार रोकने के लिए भी सरकार ने कई प्रावधान किए हैं और इसके तहत किसी भी एक संचालक को किसी भी महानगर या बड़े शहर में एक से अधिक स्टेशन चलाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा कोई भी संचालक कुल मिलाकर 15 प्रतिशत से अधिक एफ़एम स्टेशन नहीं चला सकेगा. टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी (ट्राई) ने इसके लिए 25 प्रतिशत की सीमा रखी थी लेकिन मंत्रिमंडल ने इसे घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया. भारत सरकार ने टेलीविज़न कंपनियों और समाचार पत्रों में सीमित सीधे विदेशी निवेश की अनुमति पहले ही दे रखी है. हाल ही में सरकार ने एक बड़ा फ़ैसला लेते हुए समाचारों के अलावा दूसरे प्रकाशनों के लिए शत प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति दे दी थी. |
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