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बातचीत से सुलझायेंगे एफ़डीआई मुद्दा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ़डीआई) की सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर सहयोगी दलों के साथ बातचीत करके उसका कोई हल निकाल लिया जायेगा. दिल्ली में पत्रकारों से एक बातचीत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि दूरसंचार, बीमा और नागरिक उड्डयन के क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर वामपंथी दलों के विरोध को बातचीत से दूर कर लिया जाएगा. बजट में इन क्षेत्रों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाए जाने के बाद से वामपंथी दल इसका विरोध कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार इस मुद्दे को आसानी से सुलझा लेगी. मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी द्वारा व्यक्त किये गये कड़े विरोध के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माकपा महासचिव हरकिशनसिंह सुरजीत के साथ एक बैठक की थी. इस बैठक के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वामपंथी दलों के सहयोग में विश्वास जताते हुए कहा कि हम एकजुट हैं और हमें मिलकर काम करना है. उन्होंने कहा कि समस्याएँ तो आती ही रहेंगी लेकिन मुझे अपने सहयोगी दलों की देश हित की भावना पर पूरा भरोसा है. |
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