|
'विदेशी निवेश बढ़ाने का विरोध करेंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सत्ताधारी गठबंधन की प्रमुख सहयोगी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बीमा, दूरसंचार और नागरिक विमानन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाए जाने का विरोध करने का फ़ैसला किया है. रविवार को दिल्ली में पार्टी की पोलित ब्यूरो की बैठक में ये निर्णय लिया गया. पार्टी नेता सीताराम येचुरी ने कहा,"हम दूरसंचार, बीमा और नागरिक विमानन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का विरोध करेंगे". पोलित ब्यूरो सदस्य एम के पंधे ने बताया कि सीपीआई(एम) संसद में वित्त विधेयक का विरोध करेगी. विरोध वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने पिछले सप्ताह आम बजट में दूरसंचार में विदेशी निवेश की सीमा 49 प्रतिशत से 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया था. बीमा क्षेत्र में ये सीमा 26 से 49 प्रतिशत और नागरिक विमानन क्षेत्र में 40 से 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया था. इन प्रस्तावों का वामपंथी दलों और मज़दूर संगठनों ने पहले ही विरोध किया था. इसी सिलसिल में मज़दूर संगठनों की सोमवार को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है. इसमें वामपंथी श्रमिक संगठनों सीटू और एटक के अलावा काँग्रेस से जुड़ी इंटक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समर्थक संस्था भारतीय मज़दूर संघ के भी भाग लेने की संभावना है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||