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सोमवार, 29 जनवरी, 2007 को 02:59 GMT तक के समाचार
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चुनावी अखाड़े में फ़िल्म उद्योग के लोग

श्रृद्धा निगम, अयूब ख़ान, सूरज थापर, सेजल पेंटर और अशोक पंडित
मुंबई नगरपालिका चुनावों में फ़िल्म उद्योग के लोग भी उतरे हैं
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में एक ओर जहाँ राजनीतिक दलों के दिग्गज अपना मोर्चा संभालते नज़र आ रहे हैं वहीं फ़िल्म उद्योग के लोग भी अपना भाग्य आजमाने के लिए चुनावी मैदान में हैं.

इन लोगों में अभिनेत्री और समाजसेविका कुनिका लाल, फ़िल्म एडिटर सेजल पेंटर, एक्शन निर्देशक प्रकाश वर्मा, सलमान ख़ान के मेक अप मैन सुरेश उर्फ राजू नाग का नाम प्रमुख है.

पिछले कुछ वर्षों का अगर रिकार्ड देखा जाए तो फ़िल्मी कलाकारों के लिए राजनीति का रास्ता आसान नहीं रहा है. लेकिन फिर भी फ़िल्म उद्योग के कुछ लोग चुनावी मैदान में हैं.

लेकिन इस बार कोई बड़ा कलाकार किसी पार्टी का उम्मीदवार नहीं है.

लेकिन चुनाव मैदान में उतरे लोगों की दलील है कि इलाक़े की जनता उनके कार्यों की वजह से उन्हें जानती है.

ग़ौरतलब है कि इन चुनावों के लिए मतदान एक फ़रवरी को होना है.

मुंबई के ओशिवारा के वार्ड नंबर 53 से एनसीपी का टिकट कुनिका लाल को मिला है और वो जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं.

कई फ़िल्में, 17 धारावाहिक और तीन संगीत अल्बम निकाल चुकी कुनिका कहती हैं,'' सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहती हूँ कि मुझे ये टिकट मेरे ग्लैमरस व्यक्तित्व की वजह से नहीं बल्कि मेरे 19 साल से किए जा रहे समाजसेवा को देखते हुए दिया गया है. मेरे पार्टी के नेता भी जब मुझसे बात करते हैं तो एक अभिनेत्री नहीं बल्कि एक समाजसेविका समझकर बात करते हैं.''

फ़िल्मी चुनौती

कई फ़िल्मी सितारों को राजनीति के क्षेत्र से मायूस होकर वापिस अभिनय की बागडोर संभाली पड़ी है.

क्या इन लोगों को इस बात का बिल्कुल डर नहीं है कि जनता इन्हें भी फ़िल्म उद्योग का हिस्सा मानकर अस्वीकार कर सकती है?

 मुझे ये टिकट मेरे ग्लैमरस व्यक्तित्व की वजह से नहीं बल्कि मेरे 19 साल से किए जा रहे समाजसेवा को देखते हुए दिया गया है. मेरे पार्टी के नेता भी जब मुझसे बात करते हैं तो एक अभिनेत्री नहीं बल्कि एक समाजसेविका समझकर बात करते हैं
कुनिका लाल

इस पर कुनिका का कहना है, '' कई बार ऐसा भी होता है कि जिस कलाकार को जनता चुनती है वो सचमुच में काम नहीं करते हैं. लेकिन हर कोई ऐसा नहीं होता है. मेरे ख़याल से कलाकारों से लोगों की उम्मीदें भी ज़्यादा होती है. अब हमारे हाथ में भी जादू की छड़ी तो होती नहीं है, हर काम में थोड़ा समय तो लगता ही है जिसे अगर जनता समझे तो इतना हंगामा नहीं होगा.''

फिज़ा, फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी, मंगल पांडे, खोसला का घोसला जैसी सफल फ़िल्मों की एडिटर सेजल पेंटर को अंधेरी के मनीष नगर के वार्ड नं. 60 से एनसीपी की उम्मीदवार हैं.

उनके अनुसार, '' मेरी छवि सिर्फ़ फ़िल्मी एडिटर की नहीं हैं और मैं अचानक राजनीति में नहीं आई हूँ. मेरे घर में भी राजनीतिक माहौल है. मेरी मां 33 वर्षों से शरद पवार के साथ राजनीति में हैं और वहीं से मेरे अंदर लोगों के लिए कुछ करने का जज़्बा पैदा हुआ.''

चुनाव प्रचार

चुनावी रैलियों में भी फ़िल्मी सितारों की पूरी खेप देखी जा सकती है.

अयूब ख़ान, अशोक पंडित, सूरज थापर, दीपशिखा, श्रद्धा निगम जैसे तमाम कलाकार सेजल के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं.

 मैं अपने आपको बहुत ही सौभाग्यशाली समझती हूँ कि फ़िल्म उद्योग के लोग मेरी मदद कर रहे हैं
सेजल पेंटर, बीएमसी उम्मीदवार

सेजल कहती हैं कि यह बहुत ही कम लोग जानते हैं कि वो फ़िल्म उद्योग से ताल्लुक रखती हैं.

वो कहती है,'' मैं अपने आपको बहुत ही सौभाग्यशाली समझती हूँ कि फ़िल्म उद्योग के लोग मेरी मदद कर रहे हैं.''

इनके अलावा कई और उम्मीदवार हैं जो इस चुनाव के अखाड़े में ताल ठोंक रहे हैं.

नामोनिशान, क्रोध, वंश जैसी तकरीबन 250 फ़िल्मों के एक्शन निर्देशक रहे प्रकाश उर्फ पप्पू वर्मा को अम्बोली के वार्ड नंबर 58 से एनसीपी के प्रत्याशी हैं.

सुदेश उर्फ राजू नाग जो कि पिछले 20 वर्षों से सलमान ख़ान के मेक अप मैन रह चुके हैं. उन्हें किसी पार्टी का टिकट नहीं मिल पाया इसलिए वो निर्दलीय ही अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

राजू की हिम्मत बढ़ाने के लिए जब सलमान ख़ान ने उनके लिए वोट मांगते और खुली जीप में घूमे तो पूरे पोइसर इलाके में मानों फ़िल्मी लहर सी छा गई.

उनका कहना था,'' राजू इतने साल से मेरे साथ है और ये आपका भी हमेशा साथ देगा.''

राजू कहते हैं,'' जो कलाकार राजनीति में सफल नहीं हो पाएं वो उनकी अपनी गलतियाँ थीं. मेरे इलाक़े में 23000 वोटर हैं और मुझे उनके ऊपर पूरा विश्वास है. मुझे पूरी उम्मीद है कि जनता मुझे पूरा सहयोग देगी.''

इन सबके अलावा इस बार मुंबई के चुनावी अखाड़ें में ‘इस्तरी वाली बाई’, ‘कुर्ता स्पेशलिस्ट’, ‘टैक्सी चालक’, ‘सब्जी विक्रेता’, ‘हॉकर’ आदि भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

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