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गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में 58वाँ गणतंत्र दिवस देशभर में सुरक्षा के कड़े इतज़ामों के बीच मनाया जा रहा है. इस मौके पर राजधानी दिल्ली सहित पूर्वोत्तर राज्यों और भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में ख़ास एहतियात बरती जा रही है. भारतीय समयानुसार दिन के 10 बजे राजधानी दिल्ली में राजपथ पर राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सलामी लेकर समारोह की शुरुआत की. इस बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गणतंत्र दिवस के मौके पर विशेष अतिथि हैं. ग़ौरतलब है कि गुरुवार शाम को ही गणतंत्र दिवस से पहले असम में छह धमाके हुए जिनमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी और पाँच अन्य घायल हो गए थे. पूर्वोत्तर राज्यों में अलगाववादी संगठनों की ओर से पहले से ही गणतंत्र दिवस पर गड़बड़ियों की चेतावनी दी जा चुकी है. अलगाववादी संगठन अल्फ़ा की ओर से पहले ही गणतंत्र दिवस के बहिष्कार का आहवान किया जा चुका है. इस वजह से सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है. वहीं भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में भी सुरक्षा बलों की ओर से ख़ासी सावधानी बरती जा रही है. मुंबई, बनारस और मालेगाँव में पिछले वर्ष हुए चरमपंथी हमलों को ध्यान में रखते हुए अन्य राज्यों में सतर्कता बरती जा रही है. दिल्ली में बीबीसी संवाददाताओं ने बताया कि परेड क्षेत्र और राजपथ के आसपास के सभी रास्तों को पुलिस ने अपनी निगरानी में ले लिया है और इन रास्तों से गुज़रने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है. परेड के रूट पर शुक्रवार सुबह से ही दोपहर तक के लिए आवागमन बंद है. छावनी बनी दिल्ली राजधानी में जगह-जगह पर नाकेबंदी की गई है. सीमावर्ती राज्यों से राजधानी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही है. दिल्ली के कई रास्तों पर दोपहर बाद तक के लिए आम यातायात बंद रखा गया है और दोपहर तक के लिए मैट्रो रेलों के आवागमन को भी रोक दिया गया है.
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि पिछले वर्ष देश के कई हिस्सों में चरमपंथी अपने हमले कर पाने में क़ामयाब रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस की ओर से गणतंत्र दिवस से पहले ही राजधानी के होटलों, गेस्ट हाउसों और साइबर कैफ़े जैसी जगहों की सघन जाँच की गई है. यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन जगहों पर सावधानी बरतने के सभी निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं. दिल्ली से सटे राज्यों के सीमावर्ती ज़िलों में कुछ स्थानों पर छापे भी मारे गए हैं. इसके अलावा सभी बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर सुरक्षा चुस्त कर दी गई है. सुरक्षा के बंदोबस्त में दिल्ली पुलिस, नेशनल सिक्युरिटी गार्ड, गुप्तचर सेवा आईबी और सेना के जवानों की ओर से संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है. किसी भी अप्रिय घटना से निपटने और निशानदेही के लिए कुछ जगहों पर क्लोज़ सक्रिट टीवी लगाए गए हैं. राजधानी में हवाई क्षेत्र में निगरानी के लिए तीन हैलीकॉप्टर गश्त पर हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बच्चों के साथ क्रूरता बर्दाश्त नहीं:कलाम25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा, 48 लोग मारे गए06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा के लिए कौन हैं ज़िम्मेदार?20 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मालेगाँव में तीन धमाके, 32 की मौत08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई में सात धमाके, 170 मौतें11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस वाराणसी बम धमाकों में 15 की मौत07 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस असम में अल्फ़ा ने कई धमाके किए22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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