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शनिवार, 06 जनवरी, 2007 को 06:39 GMT तक के समाचार
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असम में हिंसा, 48 लोग मारे गए
घायल व्यक्ति
दूसरे राज्यों से आए लोगों को निशाना बनाया गया है
असम के पुलिस महानिदेशक आरएन माथुर का कहना है कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अलग-अलग जगहों पर हुई हिंसा की घटनाओं में कुल 48 लोग मारे गए हैं.

स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल असम जा रहा है.

नई दिल्ली में गृह मंत्री शिवराज पाटिल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इस बैठक में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया.

बीबीसी के साथ बातचीत में असम के पुलिस महानिदेशक आरएन माथुर ने बताया कि हिंसा में बाहर के राज्यों से आए हिंदी भाषी लोगों को निशाना बनाया गया है.

आरएन माथुर ने बताया कि हमलों के पीछे यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम यानी अल्फ़ा के संदिग्ध विद्रोहियों का हाथ होने का संदेह है.

उन्होंने बताया कि तिनसुकिया ज़िले में आठ जगह और डिब्रूगढ़ ज़िले में दो जगह हिंसा की ये घटनाएँ हुई हैं. पुलिस महानिदेशक आर एन माथुर ने बताया कि मारे गए लोगों में से सभी उत्तर भारत के रहनेवाले हैं.

अल्फ़ा पर संदेह

 इस बात का पूरा अंदेशा है कि हमले के पीछे अल्फ़ा का ही हाथ है. हमारे सुरक्षाबलों ने उनके ख़िलाफ़ अभियान चलाया हुआ है
आर एन माथुर, पुलिस महानिदेशक, असम

राज्य पुलिस ने हमले के पीछे अल्फ़ा का हाथ होने की आशंका जताई है लेकिन अल्फ़ा ने इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा है.

राज्य के अतिरिक्त खुफ़िया पुलिस के प्रमुख खगेन शर्मा ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास हैं कि इनके पीछे अल्फ़ा का ही हाथ है.

पुलिस महानिदेशक ने कहा,"इस बात का पूरा अंदेशा है कि हमले के पीछे अल्फ़ा का ही हाथ है. हमारे सुरक्षाबलों ने उनके ख़िलाफ़ अभियान चलाया हुआ है."

भारत सरकार और अल्फ़ा विद्रोहियों के बीच चल रही वार्ता पिछले वर्ष सितंबर में रुक गई थी और इसके बाद सुरक्षाबलों ने फिर से अल्फ़ा विद्रोहियों के विरूद्ध कार्रवाई शुरू कर दी.

इसके बाद विद्रोहियों के हमलों में काफ़ी तेज़ी आ गई और उन्होंने गुवाहाटी में भी कई हमले किए.

आशंका

असम और पूर्वोत्तर भारत के कई प्रदेशों में हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से पहले विद्रोहियों की ओर से हिंसा तेज़ किए जाने का ख़तरा बना रहता है.

असम की ख़ुफ़िया पुलिस के प्रमुख खगेन सरमा ने आशंका जताई कि हमलों का उद्देश्य गणतंत्र दिवस से जुड़े आयोजनों को प्रभावित करना हो सकता हैं.

इसके अलावा अगले महीने असम में राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन होना है.

लेकिन राज्य पुलिस महानिदेशक ने इस बारे में कहा,"हमारी तैयारियाँ पूरी हैं और हमने एक दिन पहले ही उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की. उसके मुताबिक़ हमारी तैयारी पूरी है."

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