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विद्रोही संगठनों पर पाबंदी की मियाद बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने देश के पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय चार अलगाववादी संगठनों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध दो साल के लिए बढ़ा दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से यह आदेश जारी हुआ है. जिन अलगाववादी संगठनों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध दो साल और बढ़ाया गया है, वे हैं- यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (उल्फ़ा), नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (एनडीएफ़बी), अचिक नेशनल वोलेन्टिय काउंसिल (एएनवीसी) और एचएनएलसी. उल्फ़ा और एनडीएफ़बी असम में और अन्य दो संगठन मेघालय में सक्रिय हैं. इन चार संगठनों में से तीन का भारत सरकार के साथ संघर्षविराम समझौता है. सिर्फ़ उल्फ़ा का ही केंद्र सरकार के साथ संघर्षविराम नहीं है. पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा मामलों के जानकार जयदीप सैकिया का कहना है कि पाबंदी बढाए जाने का मतलब ये है कि सरकार इन संगठनों के साथ बातचीत को लेकर ख़ुश नहीं. बातचीत ये चार संगठन उन चौतीस अलगाववादी संगठनों में शामिल हैं, जिन्हें केंद्र सरकार 'आतंकवादी' कहती है. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें उल्फ़ा के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने को लेकर शंका है. अधिकारियों का कहना है कि सरकार उल्फ़ा से सीधे बात करना चाहती है. इससे पहले पीपुल्स कंसल्टेटिव ग्रुप (पीसीजी) के माध्यम से बातचीत हुई थी. पीसीजी की दो सदस्य इंदिरा गोस्वामी और रेवती फूकन सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से मिलने जा रही हैं. वे उल्फ़ा के साथ फिर से बातचीत शुरू करने की अपील करेंगी. | इससे जुड़ी ख़बरें असम में सुरक्षा की समीक्षा06 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस गुवाहाटी में तीन बम धमाके, 15 की मौत05 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम में 'स्वतंत्रता' पर जनमत-संग्रह07 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम में 11 सुरक्षा कर्मियों की 'हत्या'06 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पूर्वोत्तर के विद्रोहियों पर बर्मा की कार्रवाई03 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम में पूजा पंडाल पर ग्रेनेड से हमला02 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम में संघर्षविराम ख़त्म, कार्रवाई शुरु24 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस उल्फ़ा के ख़िलाफ़ संघर्षविराम समाप्त23 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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