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असम में 11 सुरक्षा कर्मियों की 'हत्या' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वोत्तर राज्य असम में पुलिस ने बताया है कि आदिवासी विद्रोहियों ने रेलवे सुरक्षा दस्ते के 11 लोगों की हत्या कर दी है. पुलिस के अनुसार शुक्रवार की सुबह हुए इस हमले में रेलवे सुरक्षा बल के कुछ अन्य जवान घायल हो गए हैं. उत्तरी कछार ज़िले में हुई इस घटना में मारे गए इन 11 लोगों में से सात सुरक्षाकर्मी हैं जबकि एक एकाउंटेंट और तीन वाहन चालक हैं. असम पुलिस के जाँच प्रमुख खगेन सरमाह ने बीबीसी को बताया कि यह हमला तब हुआ जब रेलवे का यह सुरक्षा दस्ता कुछ मजदूरों को पास की एक जगह पर पहुँचा रहा था जहाँ रेलवे का निर्माण कार्य चल रहा है. उन्होंने कहा कि इन धमाकों के पीछे दिमासा जनजाति के विद्रोहियों का हाथ हो सकता है. आशंका ग़ौरतलब है कि विद्रोही संगठन दिमा हलम दागो (डीएचडी) का एक धड़ा भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहा है पर दूसरा धड़ा अब भी सक्रिय है. यह गुट अपनी माँग पर अड़ा हुआ है कि दिमासा जनजाति के लोगों के लिए एक अलग प्रांत बनाया जाए. पुलिस ने आशंका व्यक्त की है कि शुक्रवार के हमलों के पीछे इसी गुट का हाथ हो सकता है हालांकि किसी भी विद्रोही संगठन ने अभी तक इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. असम में ऐसे कई अलगाववादी संगठन हैं जो कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपने लिए पृथक राज्य की माँग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पूर्वोत्तर के विद्रोहियों पर बर्मा की कार्रवाई03 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम में पूजा पंडाल पर ग्रेनेड से हमला02 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम में संघर्षविराम ख़त्म, कार्रवाई शुरु24 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम शांति प्रक्रिया को झटका23 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'आज़ादी के बावजूद असमानता कायम'20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री ने असमा से माफ़ी माँगी03 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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