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मानवाधिकार उल्लंघन की जाँच होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार के सलाहकार ने कहा है कि ग़ैरक़ानूनी हिरासत और सुरक्षा बलों की ज़्यादतियों के आरोपों की जाँच की जाएगी. ग़ौरतलब है कि न्यूयॉर्क स्थित ह्यूमन राइट्स वाच ने बांग्लादेश में आपातकाल लागू होने के बाद लोगों को अवैध तरीके से हिरासत में रखने और सुरक्षा बलों पर कई लोगों की हत्या करने का आरोप लगाया है. इन आरोपों को गंभीर बताते हुए कार्यवाहक सरकार के सलाहकार इफ़्तिकार अहमद चौधरी ने कहा है कि मामले की जाँच की जाएगी. उन्होंने बीबीसी से कहा, "मुझे नहीं पता कि कामचलाऊ सरकार के आने के बाद से बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है लेकिन मुझे पता है कि कुछ इस तरह के आरोप हैं." वो कहते हैं, "सरकार ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया है और एक-एक मामले की जाँच कराई जाएगी. मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि जाँच तो होगी ही, सरकार ऐसे क़दम उठाएगी जिससे इस तरह की घटना न हो." आरोप ह्यूमन राइट्स वाच के एशिया निदेशक ब्रैड एडम्स ने चेतावनी देते हुए कहा था कि आपातकाल की आड़ में निर्दोष लोगों की हत्या को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा कि अग़र दोषियों को सज़ा नहीं मिली तो संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में सहयोग करने वाले देश के रूप में बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय साख़ पर बट्टा लग सकता है. ख़ुद बांग्लादेश के मानवाधिकार संगठन का कहना है कि मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. संगठन के एक सदस्य का कहना है कि आपातकाल लागू होने के बाद 19 से ज़्यादा लोग सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में जल्द चुनाव का आश्वासन22 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश के चुनाव आयुक्त का इस्तीफ़ा21 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नाव दुर्घटना में अनेक हताहत19 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश अंतरिम सरकार के नए मुखिया12 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस आपातकाल के साथ ही सभी अटकलों पर विराम12 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में आपातकाल, चुनाव स्थगित11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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