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बांग्लादेश में जल्द चुनाव का आश्वासन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के नए प्रमुख फ़ख़रुद्दीन अहमद ने ज़ोर देकर कहा है कि भ्रष्ट लोगों और हिंसा में भाग लेने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएँगे. इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति इयाज्जुद्दीन अहमद ने अंतरिम सरकार के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और 22 जनवरी को होने वाले चुनावों के स्थगित कर दिया था. ये कदम राजनीतिक दलों की ओर से कई महीने चली हिंसा और प्रदर्शनों के बाद उठाया गया था. उनका आरोप था कि चुनाव में धाँधली हो रही है पूरे देश में हुई हिंसा में चालीस से ज़्यादा लोग मारे गए थे. पहली बार टीवी पर प्रसारित राष्ट्र के नाम संदेश में उन्होंने कहा, "मेरा प्रशासन जल्द से जल्द चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारा लक्ष्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और सबकी भागीदारी वाला चुनाव कराना है." राष्ट्रपति का कहना था कि सेना और पुलिस भ्रष्ट लोगों को गिरफ़्तार करते रहेंगे लेकिन मानवाधाकिरों का सम्मान करेंगे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अनेक बांग्लादेशी मानते हैं कि आपातकाल लगाए जाने से देश को अराजकता से बचा लिया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश अंतरिम सरकार के नए मुखिया12 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस आपातकाल के साथ ही सभी अटकलों पर विराम12 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में चुनाव से पहले आपातकाल11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस ढाका में प्रदर्शन और हिंसा जारी 09 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में विपक्ष चुनाव में हिस्सा लेगा24 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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