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रूस-भारत के बीच परमाणु समझौते होंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि उनका देश भारत को परमाणु ऊर्जा उत्पादन की दिशा में प्रत्यक्ष सहयोग देगा और इसके लिए उनकी आगामी भारत यात्रा के दौरान सामरिक समझौते किए जाएंगे. अपनी भारत यात्रा शुरू करने से पहले कहा है, "हम अपने भारतीय दोस्तों के साथ खड़े होने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं." व्लादिमीर पुतिन 25 जनवरी को अपनी भारत यात्रा शुरू करेंगे और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि भी होंगे. समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में पुतिन ने कहा, "...हम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बनाए जाने वाली परमाणु ऊर्जा सुविधाओं के निर्माण में भारत की सीधे तौर पर मदद करना चाहते हैं. इसके लिए हमारी अनेक कंपनियाँ बड़े ठेके लेने के लिए तैयार हैं." पुतिन ने कहा कि उनकी भारत यात्रा का मक़सद दोनों देशों के बीच सामरिक संबंधों को और मज़बूत करना है, रूस और भारत परमाणु क्षेत्र में सहयोग का एक नया दौर शुरू करने के लिए उत्सुक है जिनमें नए परमाणु रिएक्टरों का निर्माण भी शामिल है. परमाणु मुद्दे और हथियारों की बिक्री के मामले पर व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "हमने भारत को अनेक बार परमाणु ईंधन मुहैया कराया है और हम अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की समस्याओं के समाधान में भी भारत की इस शर्त पर मदद करेंगे कि रूस भी अंतरराष्ट्रीय संधियों और समझौतें से बंधा हुआ है. भारत के कूटनीतिक सूत्रों ने कहा है कि भारत और रूस पुतिन की यात्रा के दौरान दस समझौतों पर दस्तख़त किए जाएंगे जिनमें असैनिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में समझौते भी शामिल होंगे. साथ ही सैन्य विमानों का मिल-जुलकर उत्पादन करने के बारे में कोई समझौता होने की संभावना है. परमाणु ईंधन रूस ने भारत के तमिलनाडु राज्य के कुंडाकुलम में पहले से ही दो परमाणु रिएक्टर बनाने में मदद की है. चूँकि परमाणु सामग्री और तकनीक की आपूर्ति करने वाले देशों के गुट ने भारत पर से प्रतिबंध हटा लिए हैं इसलिए रूस चार और परमाणु रिएक्टर बनाने में भारत की मदद करने के लिए तैयार नज़र आता है.
रूस की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के मुखिया सर्गेई किरियेन्को ने कहा है कि रूस कुंडाकुलम परमाणु रिएक्टर को 2007 की दूसरी तिमाही में परमाणु ईंधन मुहैया कराएगा. किरियेन्को ने पुतिन की यात्रा शुरू होने से पहले भारत का दौरा किया है और पुतिन की यात्रा के दौरान भी वह भारत में मौजूद रहेंगे. किरियेन्को ने सोमवार को कुंडाकुलम परमाणु रिएक्टर का दौरा किया और वहाँ समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार संबंधी ज़िम्मेदारियों का उल्लंघन किए बिना इस संयंत्र को परमाणु ईंधन की आपूर्ति जारी रखेगा. रूसी राष्ट्रपति दो दिन की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अनेक मुद्दों पर बातचीत करेंगे. इसके अलावा वह राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से भी मुलाक़ात करेंगे और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से भी उनकी बातचीत होने का कार्यक्रम है. उनके साथ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोफ़ और रक्षा मंत्री सर्गेई इवानोफ़ भी रहेंगे और पुतिन-मनमोहन सिंह की मुलाक़ात होने से पहले दोनों देशों के उच्चाधिकारियों के बीच व्यापक बातचीत होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'परमाणु परीक्षणों पर रोक मंज़ूर नहीं'10 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु ठिकानों की जानकारी सौंपी01 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु करार पर बुश-मनमोहन की चर्चा21 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'परमाणु परीक्षण के विकल्प खुले हैं'19 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'सामरिक कार्यक्रम की निगरानी नहीं'18 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'जापान परमाणु ऊर्जा में सहयोग दे'14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बुश ने परमाणु विधेयक का स्वागत किया11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस वामपंथी भी परमाणु संधि से ख़ुश नहीं11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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