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मुलायम ने माना राज्यपाल का फ़ैसला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और राज्यपाल टी राजेश्वर के बीच 15 जनवरी को विधानसभा का सत्र को बुलाए जाने पर चल रही खींचतान पर विराम लग गया है. दो दिन के भातर चौथी आपात बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के वर्तमान विधानसभा सत्र को स्थगित करने के निर्णय पर अमल करने का फ़ैसला किया है. मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने विधानसभा का विशेष सत्र इसलिए बुलाया था कि राष्ट्रीय लोकदल के उनकी सरकार से बाहर जाने के बाद भी वे साबित कर पाएँ कि उन्हें विधानसभा में बहुमत हासिल है. मुख्यमंत्री ने विधानसभा का सत्र बुलाए जाने के किसी नए प्रस्ताव से संबंधित प्रश्नों का जवाब देने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि जब उसकी जरूरत होगी तो वे सत्र बुला सकते हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी दलों ने एक रैली में राज्यपाल की खुली आलोचना की और आरोप लगाया कि वे संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राज्यपाल पर सरकार को अस्थिर करने के एक षड्यंत्र का हिस्सा होने का भी आरोप लगाया था. लेकिन राज्यपाल के निर्णय को संविधान विशेषज्ञों ने जायज़ ठहराया था और कहा था कि मुख्यमंत्री केवल नया सत्र बुलाए जाने का प्रस्ताव भेज सकते हैं. राज्य विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को समाप्त हो रहा है. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाने को लेकर विपक्षी दल राज्य सरकार की बर्खास्तगी की मांग करते रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सोनिया का निठारी दौरा, मुलायम को कोसा06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में आरक्षण संबंधी प्रस्ताव पेश 04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुलायम को आयकर ब्योरा देने का निर्देश07 जून, 2006 | भारत और पड़ोस यूपी में चुनावी सरगर्मी तेज़ हुई14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अजीत ने मुलायम का साथ छोड़ा09 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस यूपी में विधानसभा का आपात सत्र 09 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मुख्यमंत्री-राजभवन के बीच खींचतान10 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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