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मुलायम को आयकर ब्योरा देने का निर्देश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को आयकर की विस्तृत जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है. एक याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यह निर्देश जारी किया. याचिका में कहा गया है कि मुलायम सिंह और उनके बेटों ने आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है. अदालत की दो सदस्यीय खंडपीठ ने मुलायम के दोनों बेटों प्रतीक, अखिलेश और बहू डिंपल को भी चार हफ़्तों के भीतर आयकर विवरण की विस्तृत जानकारी पेश करने को कहा है. मुलायम सिंह को तो वर्ष 2001 के बाद से दाख़िल आयकर रिटर्न की सूचना देने का निर्देश दिया गया है. इससे पहले जनवरी में ही सुप्रीम कोर्ट ने मुलायम सिंह को संपत्ति के स्रोतों के बारे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था. इस बीच आयकर विभाग ने मुख्यमंत्री को नोटिस जारी कर उनकी आय के स्रोतों के बारे में स्पष्टीकरण माँगा है. ग़ौरतलब है कि विश्वनाथ चतुर्वेदी नामक याचिकाकर्ता ने पहले उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार को प्रतिवेदन दिया था लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद वो सुप्रीम कोर्ट चले गए. याचिकाकर्ता का आरोप है कि मुलायम सिंह यादव ने अपनी संपत्ति की क़ीमत बहुत कम करके दर्शाई है जबकि उनके बेटों की कई संपत्तियों का कहीं ज़िक्र ही नहीं है. उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के सांसद हैं और प्रतीक यादव अभी पढ़ाई कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें संपत्ति पर मुलायम-अखिलेश को नोटिस09 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दलबदल का मामला फिर स्पीकर के पास28 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश के दो मंत्रियों का इस्तीफ़ा01 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस मुलायम ने विश्वास मत हासिल किया 28 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस फ़ोन टैपिंग मामले में नोटिस24 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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