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संपत्ति पर मुलायम-अखिलेश को नोटिस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सर्वोच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में दायर एक याचिका पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव और उनके बेटों अखिलेश यादव और प्रतीक यादव को नोटिस जारी किए हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के अलावा भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया है. लखनऊ निवासी विश्वनाथ चतुर्वेदी ने यह याचिका दायर की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुलायम सिंह यादव और उनके परिजनों के पास आय के ज्ञात स्रोत से बहुत अधिक संपत्ति है. न्यायमूर्ति रुमा पाल की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय पीठ ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया. विश्वनाथ चतुर्वेदी के वकील डीके गर्ग ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार से प्रतिवेदन दिया था लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का फ़ैसला किया गया. गर्ग ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के परिवार के पास करोड़ों की संपत्ति है जो उनके आय के स्रोतों से बहुत अधिक है. उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के सांसद हैं और प्रतीक यादव अभी पढ़ाई कर रहे हैं. याचिकाकर्ता के वकील का आरोप था कि मुलायम सिंह यादव ने अपनी संपत्ति की क़ीमत बहुत कम करके दर्शाई है जबकि उनके बेटों की कई संपत्तियों का कहीं ज़िक्र ही नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सीबीआई के छापे30 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस देश भर में सीबीआई के छापे30 जून, 2005 | भारत और पड़ोस ताज अपने नाम करने की कोशिश13 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस ताजमहल किसकी संपत्ति है?13 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस 'ज़ाहिरा संपत्ति, बैंक खाते का ब्यौरा दें'21 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस मोदी को इटली की संपत्ति पर आपत्ति08 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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