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ताजमहल किसकी संपत्ति है? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने ताजमहल पर अपना दावा करके यह बहस छेड़ दी है कि क़ानूनी रूप से आख़िरकार ताजमहल किसकी संपत्ति है. सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के चेयरमैन मोहम्मद हाफ़िज उस्मान ने फ़ैसला दिया है कि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ़ अधिनियम 1995 के प्रावधानों के तहत ताजमहल वक्फ़ की संपत्ति है. इस प्रावधान में व्यवस्था है कि जहाँ कब्रें और मस्जिद हो, वह वक्फ़ की संपत्ति है. लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का दावा है कि वह ताजमहल की सिर्फ़ देखरेख नहीं करता बल्कि यह उसी की संपत्ति है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के आगरा के अधीक्षक डॉक्टर डी दयालन ने बीबीसी को बताया कि 1920 के उर्दू में लिखे दस्तावेज़ उपलब्ध हैं जिसके अनुसार ताजमहल की मिल्कियत हिंदुस्तान की सरकार के पुरातत्व विभाग को सौंपी गई थी. उनका कहना है कि उस समय के राजस्व अभिलेखों में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है. तभी से पुरातत्व विभाग के पास इसका स्वामित्व है और वही इसकी देखभाल करता है. दरअसल ब्रितानी सरकार ने प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम की धारा-1 के तहत ताजमहल को संरक्षित इमारत घोषित कर दिया था. इतिहासकारों का कहना है कि मुग़लकाल में इसे सरकारी संपत्ति क़रार दे दिया गया था. भारतीय पुरातत्व विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक आरके शर्मा का कहना है कि सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के फ़ैसले का अध्ययन किया जा रहा है जिसके बाद ही आवश्यक क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. आय की लड़ाई माना जा रहा है कि यह सारी लड़ाई ताजमहल से होनेवाली आय की है.
पुरातत्व विभाग के अनुसार पिछली बार लगभग 22 लाख भारतीय और लगभग 5 लाख विदेशी नागरिक ताजमहल देखने आए थे. ताजमहल को देखने के लिए टिकट की व्यवस्था है. विदेशियों के लिए टिकट है 750 रुपए और भारतीयों के लिए टिकट का मूल्य है 20 रुपए. विदेशियों से लिए जाने वाले 750 रुपए में से 500 रुपए आगरा विकास प्राधिकरण को दिए जाते हैं और 250 रुपए पुरातत्व विभाग को मिलते हैं. भारतीय नागरिकों के टिकट में से 10-10 रुपए आगरा विकास प्राधिकरण और पुरातत्व विभाग को मिलते हैं. आगरा के पुरातत्व अधीक्षक डी दयालन ने बताया कि टिकट की बिक्री से पिछले साल लगभग 18 करोड़ रुपए की आमदनी हुई थी. लेकिन वह कहते हैं कि पुरातत्व विभाग का उद्देश्य धन अर्जित करना नहीं है. वहाँ केंद्रीय सुरक्षाबलों के 181 जवान तैनात हैं. इसके अलावा पुरातत्व विभाग के 121 कर्मचारी भी हैं. पुरातत्व विभाग की दो प्रयोगशालाएँ हैं जो प्रदूषण पर लगातार नज़र रखती हैं. इसके अलावा पुरातत्व विभाग समय-समय पर अनेक अध्ययन भी कराता रहता है. यदि ताजमहल को वक्फ़ बोर्ड की संपत्ति के रुप में दर्ज कर दिया जाता है तो ताजमहल में पर्यटकों से होने वाली आय का साढ़े सात प्रतिशत हिस्सा बोर्ड को चला जाएगा. इसके पहले ताजमहल पर शिया वक्फ़ बोर्ड और हिंदू संगठनों ने भी दावा किया था. हिंदू संगठनों ने तो इसे मूल रूप से मंदिर क़रार दिया था. पुरातत्व विभाग के अधिकारी सुरेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि ताजमहल अंतरराष्ट्रीय विरासत है और यूनेस्को भी इसके प्रबंधन में शामिल है. उनका कहना है कि यदि इसका प्रबंधन सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के पास गया तो दोहरे प्रबंधन से इसकी देखरेख में मुश्किलें आएंगी. |
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