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ताज के लिए खट्टा मीठा सा साल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अपनी नायाब कारीगरी और बेपनाह ख़ूबसूरती के लिए मशहूर मोहब्बत की अनमोल निशानी ताजमहल के लिए यह साल कुछ खट्टा-मीठा सा था. मीठा कम, खट्टा ज़्यादा. झुकी हुई मीनार से 350वीं वर्षगाँठ तक और चाँदनी रात में देखने की इज़ाजत से लेकर उम्र गिनने के प्रमाणों तक ताज कभी आह-ताज तो कभी वाह-ताज करता रहा. आह ताज यह साल ताज के लिए कुछ ख़ास था. क्यों न होता, आख़िर ताज की 350वीं सालगिरह थी पर यहाँ भी इसकी सही उम्र को लेकर शुरू हुए विवाद ने ताज-महोत्सव के सुर-साज की लय बिगाड़ दी. एक तरफ़ सरकार ताज के 350 वर्ष पूरे होने पर समारोह की तैयारी में लगी थी, दूसरी ओर कुछ लोग उम्र के इस आकड़े को ग़लत ठहराने में लगे थे. बाद में सितंबर माह में परंपरागत तरीक़े से ताज महोत्सव मनाया तो गया पर तमाम एहतियातों के बाद और वो भी ताज से कुछ दूरी पर. पहले से ही ताजमहल के पास अवैध कॉरीडोर के निर्माण के चलते ताज अपने आसपास पानी के भराव के दर्द और आने वाले वक्त के एक बड़े ख़तरे से रूबरू था, रही-सही कसर इस बार उसकी झुकती मीनार की ख़बर ने पूरी कर दी. बताया गया कि ताज के पास से होकर बहनेवाली यमुना नदी के जलस्तर में बदलाव के चलते ऐसा हो रहा है और फिर उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय पुरातत्व विभाग के बीच एक नई बहस शुरू हो गई. राज्य सरकार ने बताया कि ताज में मकबरे के ऊपर बनी मीनार तीन इंच तक झुक गई है और इसकी जाँच के लिए सरकार ने आनन-फानन में एक जाँच समिति का गठन भी कर दिया. हालांकि भारतीय पुरातत्व विभाग ने इन ख़बरों को निराधार बताया है. कुछ लोगों के मुताबिक राज्य सरकार की ऐसी घोषणा राजनीति से प्रेरित थी. वाह ताज पर ताज से मोहब्बत करनेवाले केवल भारत में नहीं, बल्कि दुनियाभर में हैं. तभी तो ताज की 350वीं वर्षगाँठ मनाई गई तो दुनियाभर से हज़ारों की तादाद में ताज के चाहनेवाले इस अवसर पर आगरा पहुँचे.
और तो और, रात में ताज को निहारने पर बीस साल से भी ज़्यादा समय से लगा प्रतिबंध भी इस साल 27 नवंबर को हटा लिया गया. हालांकि यह आदेश केवल तीन महीनों के लिए है और वो भी महीने में केवल पाँच दिन. यानी पूनम की रात से दो दिन पहले से शुरू होकर पूनम की रात के दो दिन बाद तक. उधर ताजमहल के पास अवैध निर्माण के चर्चित ताज कॉरीडोर मामले में सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता के बाद, इस साल राज्य के कुछ बड़े आईएएस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्रवाई के आदेश दिए गए. आश्चर्य और एश्वर्या
और पिछले दिनों इसके प्रचार के लिए पूर्व विश्वसुंदरी और अभिनेत्री ऐश्वर्या रॉय ख़ुद आगरा पहुँचीं. उन्होंने ताज को दुनिया की सबसे बेहतरीन इमारत बताया और उसके पक्ष में लोगों से वोट डालने को भी कहा. सो साल बीतने तक ताज अगर दुनिया के लिए नया अजूबा बन जाए तो आश्चर्य क्या. |
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